बड़ी लापरवाही पर कार्रवाई : मूक-बधिर बच्चियों से ज्यादती और पंडो जनजाति के लोगों की मौत, सरकार ने दो कलेक्टर की छुट्टी, जानें पूरा मामला...

रायपुर। जशपुर के दिव्यांग छात्रावास में मूक-बधिर बच्चियों के साथ दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न की घटना पर सरकार ने सख्त कदम उठाया है। सोमवार को जशपुर कलेक्टर महादेव कावड़े को पद से हटा दिया गया। उन्हें वहां से मंत्रालय बुला लिया गया है। अब वह जल संसाधन विभाग के विशेष सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। पंडो जनजाति के लोगों की मौत मामले पर भी बलरामपुर कलेक्टर को हटा दिया है। आईएएस महादेव कावड़े की जगह रितेश कुमार अग्रवाल को जशपुर कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। रितेश कुमार अग्रवाल अभी बीजापुर कलेक्टर हैं। रायगढ़ के अपर कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा को बीजापुर का कलेक्टर बनाकर भेजा जा रहा है। इसके अलावा राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र विशेष संरक्षित पंडो जनजाति के लोगों की मौत पर सरकार ने बलरामपुर कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल की भी छुट्‌टी कर दी है। अब उन्हें संस्कृति एवं पर्यटन विभाग में सचिव बना दिया गया है। चंद्रवाल की जगह अब कुंदन कुमार बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कलेक्टर होंगे। कुंदन अभी कोरबा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हैं। बता दें कि सामान्य प्रशासन विभाग ने सोमवार को तीन कलेक्टरों को बदलने के आदेश जारी किए हैं।

22 सितंबर को छात्रावास में दर्दनाक घटना

मीडिया की खबरों के मुताबिक, आरोप है कि जशपुर के समर्थ दिव्यांग केंद्र में 22 सितंबर की रात करीब 11 बजे शराब के नशे में धुत केयर टेकर राजेश राम और चौकीदार नरेंद्र भगत पर मूक-बधिर बच्चों से मारपीट और अश्लील हरकतें की है। उनके कपड़े फाड़ दिए। बच्चे जान बचाने के लिए नग्न हालत में कैंपस में भागते रहे। चौकीदार ने 15 साल की एक बच्ची से दुष्कर्म किया। जबकि 5 बच्चियों से यौन उत्पीड़न किया गया। केंद्र का संचालन खनिज न्यास मद के तहत राजीव गांधी शिक्षा मिशन की ओर से किया जाता है।

दोनों आरोपी गिरफ्तार

मामला सामने आने के बाद केस दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी केयर टेकर राजेश राम और चौकीदार नरेंद्र भगत को गिरफ्तार कर लिया।

छात्रावास अधीक्षक निलंबित, जिला समन्वयक को नोटिस

सामने आया कि इस केंद्र में अधीक्षक रात में नहीं रहते थे। अफसरों ने कई दिनों से छात्रावास की ओर झांका तक नहीं था। इसकी वजह से चौकीदार और केयर टेकर इस घिनौनी हरकत को अंजाम दे पाए। सरकार ने 3 दिन बाद केंद्र के अधीक्षक संजय राम को निलंबित कर दिया। राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जिला समन्वयक विनोद पैकरा को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। इस मामले में संजय राम का भी बयान सामने आया था। उन्होंने कहा था, कि वे दो साल से कई बार खुद को हॉस्टल से हटाने के लिए पत्र लिख चुके हैं, क्योंकि वे साइन लैंग्वेज नहीं जानते और उनके पास पहले से दो प्रभार हैं।

एक पंडो महिला व पुरुष की मौत

कुछ दिनों पहले मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में इलाज करा रहे एक पंडो महिला व पुरुष की मौत हो गई। यह दोनों काफी दिन से बीमार थे। इन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं 1 माह पूर्व मृतका के ससुर की भी मौत खून की कमी और बुखार से हो गई थी।

इलाज के अभाव में मौत

मामला बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामचंद्रपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत विमलापुर का है। यहां के निवासी मनकुरी पण्डो पति फजिहत पण्डो (41 वर्ष) काफी दिन से बीमार थी। उसके शरीर में मात्र 8 ग्राम खून बचा था। पंडो समाज के प्रदेश अध्यक्ष उदय पंडो की पहल पर 18 सितंबर को उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। वह एक सप्ताह से बुखार से पीडि़त थी। रुपए के अभाव में समय से इलाज नहीं करा सकी और घर में ही अंधविश्वास में पड़कर झाडफ़ूंक करा रही थी। वहीं केवरा भैयाथान सूरजपुर निवासी 50 वर्षीय धीरन पण्डो पिता हिरा लाल पण्डो की भी इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत हो गई। वह 3 दिन पूर्व घर पर उल्टी-दस्त होने पर सबसे पहले भैयाथान सरकारी अस्पताल लाया गया था। यहां से सूरजपुर में इलाज चल रहा था। दो दिन पहले मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर में भर्ती कराया गया था। यहां इलाज के दौरान बुधवार की सुबह मौत हो गई।

सांसद रामविचार नेताम का सरकार पर आरोप

पूर्व मंत्री व सांसद रामविचार नेताम ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि मौत के इस ताज़ा मामले के बाद पिछले चार माह में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र विशेष संरक्षित पंडो जनजाति के अब तक कुल 23 लोगों की मौत हो गई। यह गहन दु:ख का विषय है। ये मौतें प्रदेश सरकार के आदिवासी-विरोधी चरित्र का प्रमाण हैं। इन सब विरोध के चलते सरकार ने एक्शन लिया है। लेकिन कहा जा रहा है कि सरकार ने कार्रवाई करने में देरी कर दी है। सरकार का दावा : सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों का बेहतर इलाज, इस जिला को मिला राज्य में प्रथम पुरस्कार Our players have understood their roles and responsibilities: Dhoni on turnaround