किसान महापंचायत : छत्तीसगढ़ पहुंचे राकेश टिकैत, बोले- पूरे देश में तीन काले कृषि कानून का असर, मंडी नहीं बचेगी...

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजिम में आज कृषि कानूनों के विरोध में किसान महापंचायत है। इसमें शामिल होने के लिए किसान नेता राकेश टिकैत राजिम के कृषि उपज मंडी में पहुंच गए हैं। इससे पहले रायपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि बीजेपी को बेचने की बीमारी है। दिल्ली वालों की सरकार देख लीजिए, कानून बनाकर आधा देश बेच दिया। भारत सरकार के तीन काले कानूनों का असर पूरे देश में होगा। टिकैत ने कहा कि मध्य प्रदेश में मंडिया बिक रही हैं। वहां 182 मंडियों को बेचने के लिए निकाल दिया गया है। छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं रहेगा। छत्तीसगढ़ की जो समस्या है, वह भी पंचायत उठेगी। पंचायत में आए किसानों से बात की जाएगी। यहां जो सब्जी किसान हैं, उन पर भी कानून का असर पड़ेगा। उन सब्जी किसानों को और लाभ कैसे मिले, पॉलिसी क्या बने, उस पर बात करेंगे। उन्होंने कहा कि बड़ी समस्या एमएसपी पर है। यह पूरे देश की समस्या है। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा की जा रही धान खरीदी की उन्होंने तारीफ की है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों को भी छत्तीसगढ़ की तर्ज पर किसानों को उनकी फसलों के दाम देना चाहिए। उन्होंने किसान आंदोलन को लेकर छत्तीसगढ़ की सरकार से सहयोग भी मांगा है। टिकैत के साथ रायपुर पहुंचे योगेन्द्र यादव ने कहा कि हमारे आंदोलन से देशभर के किसान एक साथ खड़े हैं। छत्तीसगढ़ अपने संसाधनों से MSP पर खरीदी कर रही है। ऐसी खरीदी के लिए राज्यों को केंद्र से मदद जरूरी है। छत्तीसगढ़ का प्रयोग हमारी मांगों की पुष्टि करता है।

​ट्रैक्टर ट्रॉली में पहुंचे किसान, लगा लंगर

 पंचायत के बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रॉली, बस, पिकअप में भरकर किसान पहुंच रहे हैं। पंचायत स्थल पर मेधा पाटेकर, दिल्ली के किसान नेता सत्यवान और डा. सुनीलम पहुंच गए हैं। दिल्ली के आंदोलन की तर्ज पर सिख किसानों ने महापंचायत में भी आने वाले लोगों के लिए लंगर खोल दिया है। कृषि उपज मंडी परिसर में बनाए गए स्थल में हो रही इस महापंचायत का आयोजन किसान मजदूर महासंघ कर रहा है। दावा है कि इसमें प्रदेश के 35 से 40 हजार लोग जुटेंगे।

40 हजार लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था

महापंचायत को योगेंद्र यादव, डॉ. दर्शनपाल सिंह, डॉ. सुनीलम, मेधा पाटेकर, बलदेव सिंह सिरसा, युद्धवीर सिंह, बलवीर सिंह भी संबोधित करेंगे। परिसर में 40 हजार लोगों की भोजन व्यवस्था की गई है। बता दें कि इस सम्मेलन की योजना एक महीने पहले बनी थी। प्रमुख किसान नेताओं से सहमति के बाद छत्तीसगढ़ के राजिम को इस महापंचायत के लिए चुना गया है। इस महापंचायत में किसान एक प्रस्ताव पारित कराने की तैयारी में हैं। इसमें केंद्र सरकार से कृषि संबंधी विवादित कानूनों को वापस लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी की मांग शामिल होगी। उसके अलावा राज्य सरकार से जुड़े स्थानीय मुद्दों को भी प्रस्ताव में शामिल करने पर जोर है। बड़ी लापरवाही पर कार्रवाई : मूक-बधिर बच्चियों से ज्यादती और पंडो जनजाति के लोगों की मौत, सरकार ने दो कलेक्टर की छुट्टी, जानें पूरा मामला Our players have understood their roles and responsibilities: Dhoni on turnaround