सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर बेरोजगारों से लाखों की ठगी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

कोरिया। सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर बेरोजगारों से लाखों रुपए की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। जिसे पुलिस ने महाराष्ट्र से दबोचा है। दरअसल, झगराखण्ड थाना के खोंगापानी के बेरोजगार युवक-युवतियों को रेलवे में टिकट कलेक्टर (टीसी) और सुपरवाइजर ग्रुप डी के पद पर रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके एवज में उत्तर प्रदेश के प्रतापपुर  निवासी अभिनीत यादव, झगराखण्ड थाना क्षेत्र के रहवासी मोहम्मद बारिक और अब्दुल रहमान ने लाखों रुपए की वसूली की। इस मामले में साल 2019 में शिकायत की गई थी। पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद दो आरोपी अभिनीत यादव और मोहम्मद बारीक को वर्ष 2019 में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। वहीं मुख्य आरोपी अब्दुल रहमान फरारी काट रहा था। फरार अपराधी को पकड़ने के लिए एसपी संतोष कुमार सिंह ने एक विशेष पुलिस टीम गठित की थी, जिसमें एएसआई बलराम चौधरी, आरक्षक ललित यादव, नीरज पडियार और साइबर सेल बैकुंठपुर से पुष्कल सिन्हा शामिल थे। साइबर सेल से मोबाइल नंबर के लोकेशन के आधार पर रत्नागिरी, महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर आरोपी को थाना झागराखांड़ लाया गया। फरार आरोपी के बारे में एसडीओपी राकेश कुर्रे और थाना प्रभारी प्रद्युमन तिवारी ने गहन पूछताछ की, जिस पर आरोपी ने अपने साथी अभिनीता यादव और पारिवारिक रिश्तेदार मोहम्मद बारीक के साथ मिलकर बेरोजगारों से ठगी कर आपस में रकम का बंटवारा करना स्वीकार किया। आरोपी को न्यायालय के द्वारा उप जेल मनेंद्रगढ़ में दाखिल कराया गया। Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ इस वॉट्सएप ग्रुप में…( इसे क्लिक कीजिए) छत्तीसगढ़ : आसाराम बापू आश्रम का केयर टेकर गिरफ्तार, इस मामले में हुई कार्रवाई Our players have understood their roles and responsibilities: Dhoni on turnaround