विधायक की पिटाई का मामला : छत्तीसगढ़ के इस आईपीएस समेत तीन पर होगी एफआईआर, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को ठहराया सही...

रायपुर। महासमुंद के तत्कालीन विधायक डॉ. विमल चोपड़ा की पिटाई मामले में छत्तीसगढ़ के आईपीएस उदय किरण, एसआई समीर डुंगडुंग और छत्रपाल सिन्हा पर एफ़आईआर दर्ज होगी। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। दरअसल,  डॉ चोपड़ा के साथ 2018 में कोतवाली थाने में पिटाई हुई थी। इस मामले में उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसके बाद न्यायालय ने अपराध दर्ज करने का आदेश दे दिया था। लेकिन मामले में स्टे मिल जाने के कारण उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया था।

आईपीएस उदय किरण पर एफआईआर- विमल चोपड़ा

पूर्व विधायक डॉ विमल चोपड़ा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने 2019 में एफआईआर दर्ज कर जांच के आदेश दिए थे। लेकिन स्टे लगने के कारण सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एमआर शाह और एएस गोपन्ना ने फैसला दिया है। स्थानीय पुलिस के शामिल होने के कारण मामले की जांच सीआईडी करेगी। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने की मांग करेंगे। इसके साथ न्यायालय की अवमानना को लेकर तत्कालीन टीआई दीपा केंवट पर एफआईआर दर्ज करने की अपील करेंगे।

थानेदार ने 3 माह तक एफआईआर दर्ज नहीं की

डॉ विमल चोपड़ा ने मीडिया को बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद घटना में शामिल लोगों पर एफआईआर का रास्ता खुल गया है। उच्च न्यायालय के आदेश की कॉपी थाने में 16 मार्च 2019 को काजल सिंह व अन्य लोगों के द्वारा सौंपा गया था, लेकिन न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए तत्कालीन थानेदार ने 3 माह तक एफआईआर दर्ज नहीं की, जिससे न्यायालय की अवमानना का प्रकरण दीपक केंवट पर उच्च न्यायालय में लगाया गया है। इस पर सर्वोच्च न्यायालय के प्रकरण पर स्टे के कारण कार्रवाई रुकी हुई थी, जो अब पुनः प्रारंभ होने की संभावना है। डॉ विमल चोपड़ा ने बताया कि प्रकरण में अनेक लोगों के विरुद्ध आवेदन विभिन्न स्तरों पर विभिन्न कार्यालयों में दिए गए हैं, जिसमें काम आवड़े, संदीप टंडन, विनोद मिंज, पीयूष शर्मा, दरबारी सिह, सुखलाल भोई, राजेंद्र गैन्दले आदि का नाम है। इन सभी पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने उच्च न्यायालय से प्रार्थना की जाएगी।

19 जून 2018 का मामला

डॉ. चोपड़ा ने बताया कि 19 जून 2018 को महासमुंद थाने में अपराध की रिपोर्ट दर्ज ना करने के कारण थाने के सामने एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए शांतिपूर्ण धरना किया जा रहा था। इस पर दुर्व्यवहार करते हुए लाठीचार्ज करने वाले आईपीएस उदय किरण, छत्रपाल सिन्हा एवं समीर डूंगडूंग पर एफआईआर कराने के लिए बिलासपुर उच्च न्यायालय से आदेश हुआ था। सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में उच्च न्यायालय के निर्णय को सही बताते हुए अब एफआईआर करने के आदेश दिया है। दर्दनाक सड़क हादसा : तेज रफ्तार वाहन ने वैन को मारी टक्कर, बाप-बेटे समेत तीन की मौत, एक घायल Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ इस वॉट्सएप ग्रुप में…( इसे क्लिक कीजिए) छत्तीसगढ़ : आसाराम बापू आश्रम का केयर टेकर गिरफ्तारइस मामले में हुई कार्रवाई Our players have understood their roles and responsibilities: Dhoni on turnaround देखें वीडियो-