दुर्गा पूजा के लिए रायपुर-बलौदाबाजार कलेक्टर ने जारी की गाइडलाइन, CCTV की संख्या, मूर्ति और पंडाल की साइज समेत जानें अन्य विस्तृत दिशा-निर्देश...

रायपुर। प्रदेश के सभी जिलों में शुक्रवार को दुर्गा पूजा के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिये गए हैं। रायपुर और बलौदाबाजार कलेक्टर ने भी गाइडलाइन जारी की है। इसमें मां दुर्गा की मूर्ति और पंडाल की साइज, पंडाल में CCTV की संख्या समेत अन्य विस्तृत दिशा-निर्देश जारी की है। साथ ही कहा है कि कोरोना वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए सभी संबंधित उपाय अमल में लाया जाना आवश्यक हो गया है। वहीं इन उपाय का उल्लंघन करने पर कार्रवाई भी की जाएगी।  रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार ने भी दुर्गा पूजा से जुड़ी गाइडलाइन जारी की है। गाइडलाइन में प्रतिमाओं को स्थापित करने के लिए 8 फीट की ऊंचाई निर्धारित की गई है। पंडाल में एक वक्त में 50 लोग शामिल हो सकेंगे। पंडाल सिर्फ 15 फीट लंबे और 15 फीट चौड़े ही बन सकेंगे। पिछले साल प्रतिमा को 6 फीट, पंडाल 20 फीट और 20 लोगों के ही एक वक्त में जमा होने की अनुमति थी। इस लिहाज से देखा जाए तो इस बार की गाइडलाइन छोटी ही सही मगर कुछ छूट लिए हुए है। लेकिन इस बार भी माता का भंडारा नहीं होगा।

रायपुर जिले में दुर्गा पूजा गाइडलाइन 2021

  • मूर्ति की अधिकतम ऊंचाई 8 फीट होगी।
  • प्लास्टर ऑफ पेरिस से मूर्तियों पर प्रतिबंधित।
  • पंडाल का आकार 15 बाय 15 फीट से अधिक नहीं होना चाहिए।
  • पंडाल के सामने कम से कम 500 वर्ग फीट की जगह खुली हुई होनी चाहिए।
  • पंडाल की वजह से गली या सड़क का यातायात प्रभावित न हो।
  • मंदिरों में तय जगहों पर ज्योत जलेगी।
  • ज्योत दर्शन के लिए आम लोगों को एंट्री नहीं दी जाएगी।
  • पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने के लिए कोई अलग से इंतजाम नहीं होगा।
  • एक समय में पंडाल के सामने 50 से अधिक व्यक्ति जमा नहीं हो सकेंगे।
  • मूर्ति दर्शन, पूजा के लिए शामिल होने वाले लोगों को बिना मास्क एंट्री नहीं मिलेगी। बाजार में नवरात्र से जुड़ी चीजें भी मिलने लगी हैं।
  • समितियों को एक रजिस्टर मेंटेन करना होगा, इसमें दर्शन करने वाले लोगों के नाम नंबर दर्ज किए जाएंगे।
  • मूर्ति स्थापित करने वाले लोगों या समिति को सैनिटाइजर, स्कैनिंग, ऑक्सीमीटर, हैंड वॉश, क्यू मैनेजमेंट का इंतजाम करना होगा।
  • कंटेनमेंट जोन वाले इलाके में प्रतिमा स्थापित नहीं होगी, अगर स्थापना के बाद कंटेनमेंट जोन घोषित होगा तो पूजा रोकनी होगी।
  • विसर्जन के समय किसी भी प्रकार का भोज भंडारा नहीं होगा।
  • धुमाल या बैंड का इस्तेमाल 200 वाट के साउंड सिस्टम पर पंडाल के 100 मीटर के भीतर होगा।
  • मूर्ति स्थापना या विसर्जन के दौरान चरणामृत या प्रसाद वगैरह नहीं बांटा जा सकेगा।
  • मूर्ति विसर्जन के लिए अधिक वाहन की अनुमति नहीं होगी, सिर्फ छोटे वाहन में प्रतिमा ले जा सकेंगे।

बलौदाबाजार जिले में दुर्गा पूजा गाइडलाइन 2021

बलौदाबाजार कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने भी दुर्गा पूजा के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी की है। जो इस प्रकार है-
  • मूर्ति की ऊंचाई एवं चौड़ाई 6×5 फिट से अधिक नही होनी चाहिए। मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15×15 फिट से अधिक न हो।
  • पंडाल के सामने कम से कम 3 हजार वर्ग फिट की खुली जगह हो। पंडाल व सामने 3 हजार वर्गफिट की खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो।
  • एक पंडाल से दूसरे पंडाल की दूरी 250 मीटर से कम न हो। मंडप/पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने हेतु पृथक से पंडाल न हो,दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने हेतु कुर्सी नहीं लगाये जाएंगे।  
  • किसी भी एक समय में मंडप एवं सामने मिलाकर 50 व्यक्ति से अधिक न हो।
  • मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेगी। जिसमें दर्शन हेतु आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम पता मोबाईल नंबर दर्ज किया जायेगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कांटेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके।
  • मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति 4 सीसीटीवी लगायेगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोराना संक्रमित होने पर कांटेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके।
  • मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जायेगा, ऐसा पाये जाने पर संबंधित एवं समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किया जायेगा।
  • मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सैनेटाईजर, थर्मल स्क्रिनिंग,आक्सीमीटर, हेंडवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जायेगी। थर्मल स्क्रिनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति की होगी।
  • व्यक्ति अथवा समिति द्वारा फिजिकल डिस्टेंसिंग,आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बांस बल्ली से बेरिकेटिंग कराकर कराया जायेगा।
  • कंटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी। यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी।
  • मूर्ति स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथावा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के भोज,भंडारा, जगराता अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी।
  • मूर्ति स्थापना के समय, स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथावा विसर्जन के बाद किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्र, ध्वनि विस्तारक यंत्र डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी।
  • मूर्ति स्थापना एवं विसर्जन के दौरान प्रसाद,चरणामृत या कोई भी खाद्य एवं पेय पदार्थ वितरण की अनुमति नहीं होगी।
  • मूर्ति विसर्जन के लिए एक से अधिक वाहन की अनुमति नही होगी।
  • मूर्ति विसर्जन के लिए पिकअप,टाटाएस(छोटा हाथी) से बड़े वाहन का उपयोग प्रतिबंधित होगा।
  • मूर्ति विसर्जन के वाहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए प्रयुक्त वाहन को पंडाल से लेकर विसर्जन स्थल तक रास्ते में कहीं रोकने की अनुमति नहीं होगी।
  • विसर्जन के लिए नगरपालिका परिषद्,नगर पंचायत एवं संबंधित तहसील कार्यालय द्वारा निर्धारित रूट मार्ग, तिथि एवं समय का पालन करना होगा। शहर के व्यस्त मार्गों से मूर्ति विसर्जन वाहन को ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
  • विसर्जन के मार्ग में कहीं भी स्वागत,भंडारा, प्रसाद वितरण पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। सूर्यास्त के पश्चात एवं सूर्योदय के पहले मूर्ति विसर्जन के किसी भी प्रक्रिया की अनुमति नहीं  होगा।
  • उपरोक्त शर्तो के साथ घरों में मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी, यदि घर से बाहर मूर्ति स्थापित किया जाता है, तो नगरपालिका,नगर पंचायत एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित तहसील कार्यालय से निर्धारित शपथ पत्र मय आवेदन देना होगा। अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी।
यह निर्देश तत्काल प्रभावशील होगा तथा निर्देश का उल्लंघन करने पर एपीडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकुल नियमानुसार अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। कोरोना मृतकों के आश्रितों को जल्द मिलेंगे 50 हजार रुपए, लेकिन जमा करने होंगे ये जरूरी दस्तावेज, राज्य सरकार ने सभी कलेक्टर को दिए निर्देश… Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ इस वॉट्सएप ग्रुप में…( इसे क्लिक कीजिए) Our players have understood their roles and responsibilities: Dhoni on turnaround