छत्तीसगढ़ NSUI अध्यक्ष का ऐलान, नीरज पांडे को मिली कमान, लेकिन एक ही जाति को लगातार दायित्व मिलने से उठा सवाल

रायपुर। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) के नए छत्तीसगढ़ अध्यक्ष का ऐलान हो गया है। इस प्रदेश की कमान नीरज पांडे को सौंपी गई है। पिछले दिनों कई दावेदारों ने दिल्ली में साक्षात्कार दिया था। लेकिन इन दावेदारों के बीच प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी नीरज पांडे को दी गई है। इसे लेकर शनिवार को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के जनरल सेक्रेट्ररी केसी वेणु गोपाल के दफ्तर से एक आदेश भी जारी कर दिया गया है।  बताया जा रहा है कि बीते कुछ दिनों से NSUI के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के साथ नीरज भी दिल्ली में ही डेरा डाले हुए थे। नीरज आकाश के बेहद करीबी माने जाते हैं। वहीं छत्तीसगढ़ एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष आकाश शर्मा को युवा कांग्रेस में कुछ अहम पद दिए जाने की अटकलें हैं।

जाति विशेष को महत्व मिलने से युवाओं में नाराजगी

प्रदेश NSUI  का अध्यक्ष इस बार फिर ब्राह्मण को बनाया गया है। इससे कार्यकर्ताओं का एक बड़ा खेमा नाराज है। उनका कहना है कि जातिगत समीकरणों का ध्यान नहीं दिया गया है। पिछले कुछ सालों से एनएसयूआई  के बड़े पदाधिकारियों में ब्राह्मणों को प्राथमिकता मिलती रही है। दूसरे समुदाय के कार्यकर्ताओं की नाराजगी अब सामने आ रही हैं। पिछले कुछ सालों में काबिज पदाधिकारियों पर नजर डालें तो विकास उपाध्याय, संजीव शुक्ला, आकाश शर्मा, प्रदेश के नेता रहे हैं। वहीं अमित शर्मा रायपुर एनएसयूआई अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। कार्यकर्ताओं की नाराजगी के बाद भी पार्टी ने एक बार फिर से ब्राह्मण को ही कमान सौंपी है।

ये युवा नेता थे रेस में

इस बार प्रदेश अध्यक्ष की रेस में रायपुर से भावेश शुक्ला, अमित शर्मा, हनी बग्गा थे। वहीं बिलासपुर से तनमीत छाबड़ा, राजा देवांगन धमतरी से और चमन साहू कांकेर से, विवेक यदु भाटापारा, निखिलकांत साहू महासमुंद और शुभम पेंड्रो गौरेला से दावेदारी कर रहे थे।

 साक्षात्कार में क्या खरे नहीं उतरे अन्य जाति के युवा

एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष के लिए बाकायदा सभी दावेदारों का साक्षात्कार लिया गया था। इसके बाद ही अध्यक्ष का चयन किया गया। इससे सवाल उठता है कि क्या सच में योग्यता को प्राथमिकता दी गई है। क्या प्रदेश के बहुसंख्यक आदिवासी, साहू, सतनामी, कुर्मी, पटेल समेत अन्य जाति के लोग सिर्फ नारा लगाएंगे। ये बहुत बड़ा सवाल है। विधायक की पिटाई का मामला : छत्तीसगढ़ के इस आईपीएस समेत तीन पर होगी एफआईआर, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को ठहराया सही Our players have understood their roles and responsibilities: Dhoni on turnaround