कवर्धा हिंसा मामला : डॉ रमन सिंह ने सरकार को दी चेतावनी, मामले की हो न्यायिक जांच

रायपुर। कवर्धा हिंसा मामले में लगातार सियासत जारी है। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राज्यपाल से मुलाकात कर मामले की शिकायत की थी। इसके बाद मामले में कई प्रतिक्रियाएं सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि एक समूह को प्रताड़ित किया जा रहा है, गांव-गांव मे स्थिति विस्फोटक होगी। आज तो हम शांति से हल ढूंढना चाहते हैं।   

मामले में न्यायिक जांच हो

रमन सिंह ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि प्रशासन का राजनीतिक दृष्टि उपयोग किया जा रहा है, ये स्थिति को खराब कर रहे हैं। 70 बच्चों को गिरफ्तार किया गया है। यह ठीक नहीं है। जब तक कवर्धा हिंसा मामले में न्यायिक जांच नहीं होगी तब तक निराकरण नहीं होगा।

राज्यपाल से जांच की मांग

दरअसल, भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल शुक्रवार रात राजभवन पहुंचा था। वहां राज्यपाल से मुलाकात के बाद इस मामले में दखल देने कहा गया। इस प्रतिनिधि मंडल में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर, शिवरतन शर्मा, सांसद संतोष पाण्डेय, सुनील सोनी, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह शामिल थे। साथ ही भाजपा प्रदेश मंत्री विजय शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष कवर्धा अनिल सिंह, पूर्व विधायक अशोक साहू, मोतीलाल चंद्रवंशी शामिल थे। प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल अनुसुईया उइके से इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।  अशांति फैलाने वाले सामने है- अभिषेक सिंह डॉ. रमन के बेटे पूर्व सांसद अभिषेक सिंह ने मीडिया से कहा कि कवर्धा एक शांति के टापू के रूप में जाना जाता है। इसे कौन अशांत बना रहा है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, वे लोग सबके सामने हैं। कांग्रेस सरकार के दबाव में एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्र के ऐसे जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी कार्यवाही की जा रही है, जो वातावरण को बेहतर बनाने में जुटे हुए है। जो बेहद ही शर्मनाक और निंदनीय है।  वहां जल्द जाएंगे- मंत्री मो. अकबर कवर्धा हिंसा मामले में मंत्री और कवर्धा से ही विधायक मो. अकबर का भी बयान सामने आया। उन्होंने रायपुर स्थित अपने सरकारी बंगले में मीडिया से कहा हम वहां जल्द जाएंगे, शांति व्यवस्था विधायक और सरकार की जिम्मेदारी है। जाकर खुद को दिखाने से कुछ नहीं होता, मैं मिनट-टू-मिनट जानकारी ले रहा हूं। जिस झंडे को हटाने से विवाद हुआ उसे मैंने ही दोबारा लगवाया। वहां के लोग शांतिप्रिय हैं।

मामला प्रायोजित था- आईजी

आईजी विवेकानंद सिन्हा ने कहा है कि पूरा मामला प्रायोजित था। लोग रायपुर के माना, गुढ़ियारी, बेमेतरा से मुंगेली से वहां पहुंचे थे। वो क्या करने गए थे। इसकी जांच हो रही है, सब साफ हो जाएगा।  कवर्धा में झंडा लगाने पर हुआ था विवाद कवर्धा में 3 अक्टूबर को वार्ड नंबर 27 के लोहारा नाका चौक इलाके में झंडा लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। रविवार दोपहर कुछ युवकों ने अपना झंडा चौराहे पर लगा दिया। इसी बात को लेकर दो गुटों के युवक सड़क पर लड़ाई हो गई। पुलिस की आंखों के सामने एक युवक को भीड़ पीटती रही। मारपीट में 8 लोग घायल हुए हैं।

संगठनों का बड़ा विरोध प्रदर्शन

इसके बाद सोमवार को शांति समिति की बैठक भी बुलाई गई थी। 5 अक्टूबर को जिले में कुछ संगठनों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान हिंसक घटनाएं हुई। गाड़ियों में तोड़-फोड़ भी की गई। अब जिले में इंटरनेट सेवा बंद है। कर्फ्यू में थोड़ी ढील  दी गई है।  भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर कर्वधा शहर में 5 अक्टूबर को हुए उपद्रव के बाद पुलिस ने 3 एफआईआर  दर्ज की थी। एफआईआर में वरिष्ठ नेताओं का नाम भी जोड़े गए हैं। इनमें सांसद संतोष पांडेय, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक मोतीराम चंद्रवंशी, अशोक साहू, प्रदेश मंत्री विजय शर्मा, जिलाध्यक्ष अनिल सिंह, भाजयुमो जिलाध्यक्ष पीयूष ठाकुर, विश्व हिंदू परिषद के जिला प्रमुख नंदलाल चंद्राकर सहित कैलाश चंद्रवंशी, राजेंद्र चंद्रवंशी, पन्ना चंद्रवंशी, उमंग पांडेय, राहुल चौरसिया, भुनेश्वर चंद्राकर के नाम शामिल हैं। Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ इस वॉट्सएप ग्रुप में…( इसे क्लिक कीजिए) अभिषेक सिंह पर एफआईआर : पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के बेटे और सांसद संतोष पांडेय के खिलाफ FIR ज्वेलर्स के दुकान-घर में 77 लाख की चोरी, 5 आरोपी गिरफ्तारसोने-चांदी के गहने जब्त स्कूली बच्चों के लिए दशहरादीपावली और शीतकालीन अवकाश की सूची जारीइस साल कुल 60 दिन की छुट्टीदेखिए लिस्ट Our players have understood their roles and responsibilities: Dhoni on turnaround