शराबबंदी पर मंत्री अनिला भेंडिया ने दी ये घटिया सलाह, महिलाओं की मांग का उड़ाया मजाक!

शराबबंदी पर मंत्री अनिला भेंडिया ने दी घटिया सलाह, महिलाओं की मांग का उड़ाया मजाक रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंडिया का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर मंत्री शराबबंदी की मांग पर महिलाओं को घटिया सलाह देती दिखाई दे रही हैं। इस दौरान वे हंस भी रही हैं। जिसको लेकर लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। इस वायरल वीडियो का सत अंजोर डॉट कॉम पुष्टि नहीं करता है। दरअसल यह वीडियो सोमवार का है। और स्थान बालोद जिला का बताया जा रहा है। जिसमें मंत्री महिलाओं को सलाह दे रही है।

महिलाओं ने की थी शराब रोकने की मांग

बता दें कि गांव की महिलाएं शराबबंदी और गांव में निर्मित हो रहे अवैध शराब को रोकने की मांग को लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंडिया से मिलने पहुंची थी। लेकिन यहां उन्हें आश्चर्यजक जवाब मिला, जिसकी उन्होंने कल्पनी तक नहीं की होगी। मंत्री अनिला भेंडिया ने महिलाओं को शराब पीने का सलाह दे दी।  

महिलाएं मानसिक रूप से पीड़ित- मंत्री

वीडियो में मंत्री अनिला भेंडिया महिलाओं को समझाइश देते हुए कह रही है कि महिलाएं घर गृहस्थी चलाती हैं। बच्चों का पालन पोषण करती हैं। ऐसे में अपनी परिस्थियों को देखकर वे मानसिक रूप से पीड़ित होती है। मंत्री अमिला भेंडिया आगे कहती है सभी महिलाओं को कहना चाहती हूं कि थोड़ा थोड़ा पीकर सो जाय करें और ऐसा कहने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री अनिला भेंडिया हंस पड़ती है। 

अधिकारी नियम अनुसार कार्रवाई करेगा

महिलाओं की शिकायत मत्री ने बाद में कहा कि मामले में अधिकारी नियम अनुसार कार्रवाई करेगा। ग्रामीणों को गांव में शराब नहीं बनाने की नसीहत भी दी। देखिये वीडियो-

गंभीर बात पर मजाक सही नहीं

खबर लिखे जाने तक इस मामले में अभी मंत्री अनिला भेंडिया का बयान सामने नहीं आया है। इस वीडियो पर कुछ कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उन्होंने मजाक में  ये बात कही है। लेकिन सवाल उठता है कि क्या इतनी गंभीर बात पर ऐसे मजाक उड़ाना चाहिए। वो भी एक मंत्री को। अगर ये मजाक में कही बात है फिर से कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। एक महिला होकर शराब पीने की सलाह देना सोच को उजागर करता है।

शराबबंदी का वादा नहीं हुआ पूरा

 बता दें कि प्रदेश में कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में शराबबंदी का वादा किया है। लेकिन उस पर अभी तक अमल नहीं हुआ है। सिर्फ समिति बस बना दी गई है। यह आरोप विपक्ष का है। शराब के चलते गांवों में स्थिति दयनीय हो गई है। महिलाएं घरेलू हिंसा से पीड़ित है। शराब सेवन के दर्द से आहत है। ऐसे सलाह उनके जख्म पर नमक के सामान है।

महिला एवं बाल विकास के पास बड़ी जिम्मेदारी

सरकार का कहना है कि प्रदेश में एकदम से शराब बंदी नहीं किया जा सकता है। इसे धीरे-धीरे किया जाएगा। इसके लिए जनजागरूकता की भी जरूरत है। और यह जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास के पास है। पहले यह काम बेवरेज कॉरपोरेशन करता था। लेकिन अब इसे महिला विभाग को दे दिया गया है। Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ इस वॉट्सएप ग्रुप में…( इसे क्लिक कीजिए) छत्तीसगढ़ में आखिर शराबबंदी कब : सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने दिए ये सुझाव, लेकिन अधिकारियों ने गिनाई इनकम, निकला दौरे का निष्कर्ष… इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में सीटों की संख्या बढ़ी, अब 3676 सीट पर प्रवेश, युवाओं को मिलेंगे ज्यादा अवसर… मानसून की विदाई, अब सर्दी का मौसम, छत्तीसगढ़ में इस महीने ज्यादा ठंड… कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी पहुंचे छत्तीसगढ़, बिजली संकट के बीच आखिर प्रदेश का दौरा क्यों छत्तीसगढ़ पटवारी भर्ती : 301 पदों पर होगी भर्ती, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के 988 पद… छुट्टियों की घोषणा : छत्तीसगढ़ सरकार ने 2022 की छुट्टियां राजपत्र में की प्रकाशित, जानें सभी अवकाश के बारे में, देखें सूची… स्कूली बच्चों के लिए दशहरादीपावली और शीतकालीन अवकाश की सूची जारीइस साल कुल 60 दिन की छुट्टीदेखिए लिस्ट Our players have understood their roles and responsibilities: Dhoni on turnaround