स्वास्थ्य कार्यकर्ता कफन ओढ़ कर सड़क पर सो गए, क्या सच में सरकार लाशों की सुनती है...
स्वास्थ्य कार्यकर्ता कफन ओढ़ कर सड़क पर सो गए, क्या सच में सरकार लाशों की सुनती है...
रायपुर। क्रांतिकारी कोरोना योद्धा संघ के स्वास्थ्य कार्यकर्ता आज बूढ़ा तालाब धरना स्थल के सड़क पर कफन ओढ़ कर सो गए। जिससे यातायात बाधित हो गई। पुलिस ने इन आंदोलनकारियों को हटाने के निर्देश दिए। लेकिन वे बात नहीं माने। इसके बाद उनकी पुलिस से झड़प हो गई। सभी को जबरदस्ती सड़क से उठाया गया।
दरअसल, स्वास्थ्य कर्मी नियमितीकरण की मांग को लेकर 63 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। सभी शनिवार सुबह 5 बजे से कफन ओढ़कर सड़क पर लेट प्रदर्शन किया। इस वजह से रायपुर के बूढ़ा तालाब रोड पर ट्रैफिक को वन-वे करना पड़ा है। समझाइश देने के बाद भी आंदोलनकारियों के नहीं मानने पर पुलिस प्रशासन ने एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी दी है।
63 दिनों से नियमितीकरण की मांग
प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य कर्मी का कहना है कि लगातार 63 दिनों से नियमितीकरण की मांग रहे हैं। लेकिन सरकार सुन नहीं रही है। सरकार का ध्यान केवल लाशों पर ही केंद्रित होता है। इसलिए इस तरह का प्रदर्शन कर रहे हैं। एक अन्य कर्मी ने कहा कि सुबह 5 बजे से प्रदर्शन कर रहे हैं और हमने निर्णय लिया है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती है। सड़क से नहीं उठेंगे।
बूढ़ा तालाब सड़क पर यातायात प्रभावित
स्वास्थ्य कर्मियों के आंदोलन की वजह से बूढ़ा तालाब सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ। आंदोलन को देखते उरला टीआई भरत बरेठ, कोतवाली टीआई मोहसिन खान, टिकरापारा टीआई संजीव मिश्रा के साथ भारी सख्या में पुलिस बल भी बूढ़ा तालाब में मौजूद रहे।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन से यातायात प्रभावित हो रहा है। इसलिए उन्हें समझाइश दी गई। अगर ये नहीं माने तो एफआईआर दर्ज होगी।
यातायात प्रभावित करने का अधिकार किसी को भी नहीं
तहसीलदार मनीष देव साहू ने कहा कि यातायात प्रभावित करने का अधिकार किसी को भी नहीं है। ऐसे में इन पर धारा 147,341 के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। लगातार आम जनता से परेशान हुई।
सड़क से हटाया, वैधानिक कार्रवाई की जाएगी
एएसपी तारकेश्वर पटेल का कहना है कि इन लोगों ने सुबह से सड़क जाम किया था। पुलिस और कार्यपालिका मजिस्ट्रेट के द्वारा लंबे समय से समझाइश दी जा रही थी। नहीं मानने पर सड़क से हटाया गया। आवागमन को सुचारू रूप से चालू किया गया। आगे इन पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सेवा समाप्त कर दी
क्रांतिकारी कोरोना योद्धा संघ का कहना है कि कोरोना काल में जान दांव पर लगाकर अस्पताल में सेवाएं दी। अब सेवा समाप्त कर दी गई है।
कोविड कर्मचारी स्वास्थ्य कर्मियों की मांग
- कोरोना काल के दौरान अस्थाई रूप से भर्ती स्वास्थ्य कर्मियों को कार्य पर निरंतर रखा जाए।
- जिनकी सेवा समाप्त कर दी गई है उन्हें पुनः कार्य पर निरंतर रखा जाए।
- इन मांगों को लेकर संघ आंदोलन कर रहे हैं।
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