बड़ी खबर : छेर छेरा और शाकंभरी जयंती पर छुट्टी, सीएम भूपेश बघेल ने की घोषणा, देखिए वीडियो...
रायपुर। छत्तीसगढ़ कोसरिया मरार (पटेल) समाज महासंघ एकीकरण का शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह रविवार (24 अक्टूबर) को आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने समाज की मांग पर शाकंभरी जयंती और छेर छेरा पुन्नी में छुट्टी देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की इस मांग को मैं कैबिनेट में रखूंगा। मैं समझता हूं कि ये मांग पूरी हो जाएगी। छेर छेरा पुन्नी और शाकंभरी जयंती छत्तीसगढ़ का बड़ा त्योहार है।
बघेल ने बताया कि हरेली, बेटियों के तीजा पर्व, उसके बाद विश्व आदिवासी दिवस और कर्मा जयंती पर छुट्टी दी जा रही है। अब आप लोग समझ सकते हैं कि छेर छेरा और शाकंभरी जयंती पर भी छुट्टी दी जाएगी।
देखिए वीडियो-
https://www.youtube.com/watch?v=ilmJ4YLNgjY
शाकंभरी बोर्ड के अध्यक्ष को केबिनेट मंत्री का दर्जा
मुख्यमंत्री ने समाज के लोगों की मांग पर शाकंभरी बोर्ड के अध्यक्ष को केबिनेट मंत्री का दर्जा देने, मरार पटेल समाज के लोगों की बहुलता वाले इलाकों में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए रियायती दर पर भूमि एवं शासन की ओर से धनराशि स्वीकृत किए जाने की भी घोषणा की।
मरार समाज की महिलाओं को सब्जी खेती के लिए शासकीय भूमि
मुख्यमंत्री ने राज्य के ग्रामीण अंचल में नाले के किनारे स्थित शासकीय भूमि को मरार समाज की महिला स्व-सहायता समूहों को सामुदायिक बाड़ी के लिए उपलब्ध कराए जाने की भी घोषणा की। उन्होंने मंडी एवं बाजारों में दुकान एवं पसरा आवंटन में मरार समाज को प्राथमिकता देने की घोषणा की।
एकीकरण पर मरार पटेल समाज को बधाई
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में मरार पटेल समाज की तीन प्रमुख बिरादरियां हरदिया, कोसरिया और भोयरा बिरादरी के लोगों ने सामाजिक एकीकरण का संकल्प लिया। इस एकीकरण पर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन मरार पटेल समाज के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने समाज के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ मरार (पटेल) महासंघ के पदाधिकारियों, समाज के सभी वरिष्ठ जनों, युवाओं, और महिलाओं को बधाई दी।
क्या है छेर छेरा पुन्नी
छेर छेरा पुन्नी छत्तीसगढ़ का लोक पर्व है। गांवों में अन्न दान का उत्सव होता है। कई धार्मिक स्थल पर मेला लगता है। रायपुरा के महादेव घाट पर भी बड़ा मेला लगता है। वहीं इस दिन माता शाकंभरी का प्रकटोत्सव भी है। यह पौष महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन अन्नदान की परंपरा है। अगले वर्ष पौष पूर्णिमा 17-18 जनवरी को है।
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बता दें कि सामाजिक एकीकरण, शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह इनडोर स्टेडियम रायपर में आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, प्रदेशाध्यक्ष देवचरन पटेल, रामकुमार पटेल सहित सामाजिक व्यक्ति उपस्थित थे।
लाखों की आबादी
छत्तीसगढ़ शाकंभरी बोर्ड के अध्यक्ष रामकुमार पटेल ने बताया कि राज्य में 30-35 लाख की आबादी है उसके बावजूद पूर्व में समाज के लोगो को कोई प्रतिनिधित्व नही मिल पाता था लेकिन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा समाज के आराध्या देवी मां शाकंभरी के नाम से बोर्ड बनाकर समाज के लोगो को मौका दिया है ।
कई जिलों में समाज की बहुलीयता
छत्तीसगढ़ राज्य के कबीरधाम , मुंगेली, महासमुंद , बलौदाबाजार , जांजगीर सहित 18 जिलों में मरार समाज की जनसंख्या अधिक है। महासंघ ने 18 जिलाध्यक्ष की नियुक्ति भी किया है ।
घटकवाद खत्म
वर्तमान में भोयरा, हरदिहा, कोशरिया अलग अलग घटकों में बटा हुआ है, जो 24 अक्टूबर को खत्म हो जाएगा और सभी लोग एक सूत्र में बंध जाएंगे। अब घटक वाद को खत्म कर दिया जाएगा।
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