छत्तीसगढ़ को झटका : MCI ने सिर्फ एक मेडिकल कॉलेज की दी अनुमति, दो खारिज, MBBS के इतने सीटों का नुकसान

छत्तीसगढ़ को झटका : MCI ने सिर्फ एक मेडिकल कॉलेज की दी अनुमति, दो खारिज, MBBS के इतने सीटों का नुकसान रायपुर। स्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सरकार को झटका लगा है। मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया (MCI) ने  मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति को लेकर आदेश जारी किया है। इस आदेश में कोरबा और महासमुंद में मेडिकल कॉलेज खोलने की अनुमति  नहीं मिली है। एमसीआई ने देने से दो टूक इनकार कर दिया है।

मापदंड पूरा नहीं किया

कौंसिल ने कोरबा और महासमुंद मेडिकल कॉलेज के डीन को भेजे लेटर में कहा है कि आपका कॉलेज 2021-2022 शैक्षणिक सत्र शुरू करने का मापदंड पूरा नहीं करता। लिहाजा, वहां अब इस साल एडमिशन नहीं हो पायेगा। वहीं कांकेर मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति दे दी गई है। इस स्वीकृति के बाद प्रदेश में अब मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से बढ़कर 7 हो गई है।

कांकेर मेडिकल कॉलेज को सशर्त अनुमति

बता दें कि एमसीआई ने कांकेर मेडिकल कॉलेज को जरूर अनुमति दी है। लेकिन वो भी सशर्त दी है। कांकेर के डीन को शपथ पत्र देना होगा कि कॉलेज का उन्होंने ऑनलाइन इंस्पेक्शन कराया, वो सही है। इसके लिए एमसीआई ने एक हफ्ते का टाइम दिया है। हालांकि, इससे डीन की वैधानिक मुसीबत बढ़ गई है। क्योंकि, अगर कोई कमी होगी तो उसके जिम्मेदार वे होंगे।

कोरबा और महासमुंद मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की कमी

कोरबा और महासमुंद मेडिकल कॉलेज में इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी की कमी का हवाला देते हुए मान्यता देने से मना कर दिया है। इन तीनों कॉलेजो में 100-100 सीटें प्रस्तावित थी। यानी इस साल एक साथ MBBS की 300 सीटें बढ़ जाती। एमसीआई की अनुमति न मिलने से 200 सीटो का नुकसान होगा। तीनों कॉलेज को देखते नीट एग्जाम में बैठे छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को बड़ी उम्मीदें थी कि सीटें बढ़ने से उनका नंबर लग जायेगा। मगर अब 100 सीट से ही संतोष करना होगा। उसमें भी सेंट्रल कोटे की सीटें भी होती हैं। जानकारों का कहना है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग अगर ठीक से पहल किया होता तो पिछले वर्ष ही एमसीआई से अनुमति मिल गई होती। क्योंकि सरकार ने 2019 में तीनों जगह मेडिकल कॉलेज खोलने का ऐलान किया था।

प्रोफेसर की नियुक्ति नहीं की गई

जानकारी के मुताबिक, महासमुंद के मेडिकल कॉलेज की 18 अक्टूबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का हवाला देते हुए मेडिकल एसेसमेंट रेटिंग बोर्ड और स्नातक एक्सपर्ट ग्रुप की संयुक्त मीटिंग कमेटी ने यह बताया कि एनाटॉमी के प्रोफेसर की नियुक्ति नहीं की गई है। कुछ अन्य विषयों में एसोसिएट प्रोफेसर जैसे फॉरेंसिक, मेडिसिन, रेस्पिरट्री, मेडिसिन, इमरजेंसी मेडिसिन, फिजियोलॉजी में एसोसिएट प्रोफेसर के पद रिक्त पाये गए। एनाटॉमी डिसेक्शेन हॉल शव लेपन की सुविधाएं नहीं पाई गई। 23 और 24 अगस्त को मेडिकल एसेसमेंट रेटिंग बोर्ड और अंडर ग्रेजुएट एक्सपर्ट ग्रुप में प्रथण निरीक्षण के बाद महासमुंद मेडिकल कॉलेज को वर्ष 2021-22 को एमबीबीएस कोर्स शुरू करने के लायक नहीं पाया गया था। लेकिन महासमुंद मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुरोध पर 18 अक्टूबर को लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की गई थी। Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ इस वॉट्सएप ग्रुप में…( इसे क्लिक कीजिए) प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, अब राशन कार्ड जरूरी, राशि ऐसे करें चेक 1 नवंबर से धान ख़रीदी की मांग, बीजेपी ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप धान खरीदी की तारीख का ऐलान, सीएम भूपेश बघेल ने बताया नवंबर में धान खरीदी क्यों नहीं… छत्तीसगढ़ वित्त विभाग में 65 पदों पर भर्ती, इस तारीख तक कर सकेंगे आवेदन, जानें परीक्षा तिथि  छत्तीसगढ़ में दीवाली पर पटाखा फोड़ने का समय निर्धारित, जानें सही समय, तय घंटा… ICC T20 Rankings : कोहली को हुआ नुकसान, पाकिस्तान के ये दो खिलाड़ी आगे… देखिये वीडियो- Our players have understood their roles and responsibilities: Dhoni on turnaroun