कैबिनेट ने DA पर नहीं किया फैसला, पदोन्नति शिथलीकरण में भी गड़बड़ी : वीरेंद्र दुबे
कैबिनेट ने DA पर नहीं किया फैसला, पदोन्नति शिथलीकरण में भी गड़बड़ी : वीरेंद्र दुबे
रायपुर। कैबिनेट के फैसले से प्रदेश के कर्मचारियों को गहरी निराशा हुई है। उनके लिए लंबित 14 प्रतिशत मंहगाई भत्ता पर निर्णय नहीं लिये गए।
मात्र 17 प्रतिशत DA
बता दें कि केंद्र व अन्य राज्य अपने कर्मचारियों को 31 प्रतिशत मंहगाई भत्ता प्रदान कर रही है, जबकि छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को मात्र 17 प्रतिशत DA ही मिल रहा है। यह बात छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कही।
आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा
वीरेंद्र दुबे ने बताया कि 14 प्रतिशत DA पीछे होने से प्रदेश के प्रत्येक कर्मचारी और उनके परिवारजन को 4000 रुपये से 10000 रुपये तक प्रतिमाह आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
अधिकार से वंचित रख अन्याय
एक ओर राजनीतिक पार्टियां मंहगाई के मुद्दे पर एक दूसरे पर दोषारोपण कर रही हैं। वहीं अपने कर्मचारियों को मंहगाई भत्ता जो कि उनका अधिकार है, कोई उपहार नहीं को भी देने से वंचित रख कर अन्याय कर रही है। जल्द ही लंबित DA को एरियर्स सहित देना चाहिए।
कर्मचारियों में हताशा
प्रदेश महासचिव धर्मेश शर्मा व प्रदेश मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा ने आज DA की घोषणा न होने को सभी कर्मचारियों को हताश कर गया। वहीं प्रमोशन में 5 वर्ष की सीमा को हटाकर 3 वर्ष किये जाने से बड़ी संख्या में सहायक शिक्षक और शिक्षक लाभान्वित होंगे।