शहीद संतोष बाबू को मरणोपरांत महावीर चक्र, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया सम्मानित

शहीद संतोष बाबू को मरणोपरांत महावीर चक्र, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया सम्मानित नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी में गलवान घाटी में ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के दौरान जान गंवाने वाले कर्नल संतोष बाबू को मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनकी मां और पत्नी को पुरस्कार दिया। बीते साल 15 जून की रात को कर्नल संतोष बाबू गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से झड़प के दौरान शहीद हो गए थे। वह गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों की टुकड़ी का नेतृत्व कर रहे थे। इस लड़ाई में वे शहीद हो गए।

सूबेदार संजीव कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के केरन सेक्टर एक आतंकवादी को मारने और दो अन्य को घायल करने के लिए 4 पैरा स्पेशल फोर्स के सूबेदार संजीव कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से उनकी पत्नी को यह पुरस्कार मिला।

नायब सूबेदार नुदूराम सोरेन को मरणोपरांत वीर चक्र

नायब सूबेदार नुदूराम सोरेन को ऑपरेशन स्नो लेपर्ड में पिछले साल जून में गलवान घाटी में चीनी सेना द्वारा किए गए शातिर हमले के खिलाफ उनकी वीरतापूर्ण कार्रवाई के लिए मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने उनकी पत्नी को पुरस्कार दिया।

हवलदार के. पलानी को मरणोपरांत वीर चक्र

हवलदार के. पलानी को ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के अंतर्गत पिछले साल जून में गलवान घाटी में चीनी सेना द्वारा किए गए शातिर हमले के खिलाफ उनकी वीरतापूर्ण कार्रवाई के लिए मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनकी पत्नी को पुरस्कार दिया।

गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से झड़प

बता दें कि बीते साल 15 जून की रात को कर्नल संतोष बाबू गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से झड़प के दौरान शहीद हो गए थे। वह गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों की टुकड़ी का नेतृत्व कर रहे थे। इसी दौरान चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसका भारतीय सैनिकों की ओर से विरोध किया गया।  इस दौरान कर्नल संतोष बाबू के नेतृत्व में भारतीय सैनिकों ने चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी का विरोध किया और कहा कि वे अपने इलाके में चले जाएं। पूरी विनम्रता के साथ कर्नल संतोष बाबू ने चीनी सैनिकों को समझाया, लेकिन अपनी जमीन से एक इंच पीछे नहीं हटे। इसी दौरान चीनी सैनिकों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, लेकिन उसके आगे भी कर्नल संतोष डटे रहे। कर्नल संतोष की टुकड़ी ने चीनी सैनिकों को पीछे हटने पर मजबूर दिया था। इस घटना में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। कई मीडिया रिपोर्ट्स में चीन के भी करीब 40 सैनिकों के मारे जाने की बात सामने आई थी। हालांकि चीन ने 4 से 5 सैनिकों के ही मारे जाने की पुष्टि की थी।

स्मारक बनवाने का ऐलान

इसी साल जून में गलवान घाटी में हुई झड़प के एक साल पूरा होने के मौके पर तेलंगाना सरकार ने उनके नाम पर स्मारक बनवाने का भी ऐलान किया था। वह तेलंगाना के ही सूर्यपेट के रहने वाले थे, जो राजधानी हैदराबाद से 140 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कर्नल बाबू गलवान घाटी में तैनात 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इस रेजिमेंट के 20 जवानों ने गलवान घाटी में सीमा की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। तेलंगाना सरकार की ओर से कर्नल संतोष बाबू के परिजनों को 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई थी। इसके अलावा उनकी पत्नी को ग्रुप 1 की सरकारी नौकरी का भी ऐलान किया गया था।  Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ इस वॉट्सएप ग्रुप में…( इसे क्लिक कीजिए) बेरोजगारों को धोखा देना बंद करो भूपेश सरकार! इन नौकरियों के लिए आवेदन करने और परीक्षा की तारीख बढ़ाई…, जानें असल खेल… सरपंचों का मानदेय बढ़ेगा, जनपद और जिला पंचायत अध्यक्ष का भी बढ़ा, पंचायती राज सम्मेलन में सीएम भूपेश बघेल ने की बड़ी घोषणा देखिए वीडियो- सरपंच-पंच, जिला अध्यक्ष का मानदेय घोषणा… पेट्रोल-डीजल के दाम घटे, लेकिन नामात्र, सीएम भूपेश ने VAT कम करने की घोषणा की… एयर स्‍ट्राइक के हीरो अभिनंदन वर्धमान को वीर चक्र, पाकिस्तान का F-16 विमान किया था ध्वस्त Airtel का प्रीपेड प्लान हुआ महंगा, ग्राहकों पर महंगाई की मार महिला नगर सैनिक जॉब, 1715 पदों पर होगी भर्ती… बिजली बिल में अतिरिक्त सुरक्षा निधि आधी करने का फैसला, क्या ये असल में राहत है, जानें इस खबर में… Our players have understood their roles and responsibilities: Dhoni on turnaroun