बारदाने की किल्लत : सरकार ने बढ़ाई कीमत, लेकिन क्या ये राशि किसानों को मिलेगी...
बारदाने की किल्लत : सरकार ने बढ़ाई कीमत, लेकिन क्या किसानों को मिलेगी राशि...
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक दिसंबर से धान खरीदी शुरू हो गई है। लेकिन बारदाने (बोरा) की कमी बनी हुई है। भूपेश सरकार ने किसानों से बारदाना लाने कहा है। इसके एवज में सरकार ने 18 रुपए किसानों को देने का आदेश निकाला था। लेकिन बाजार में इस वक्त बारदाना 40 रुपए में बिक रही है। जिसके चलते किसानों में आक्रोश है। अब सरकार ने अपना फैसला बदल दिया है। अब किसानों को 25 रुपए प्रति बारदाना दिया जाएगा। इस संबंध में खाद्य विभाग ने बुधवार को आदेश जारी कर दिया है।
cmo chhattisgarh ने किया ट्वीट
मुख्यमंत्री कार्यालय (cmo chhattisgarh) ने ट्वीट कर बताया कि किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर किसानों को बारदाने के लिए मिलेंगे अब 25 रुपये खाद्य विभाग ने बारदाने की दर को 18 रुपए से बढ़ाकर किये 25 रूपए
@bhupeshbaghel @FoodCgGov#PaddyProcurement#CGFarmers
किसानों को नुकसान न हो
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के मुताबिक, पुराने जूट बारदाने की दर 18 रुपए से बढ़ाकर 25 रुपए प्रति नग कर दिया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दोपहर को ही बताया था कि सरकार पुराने जूट बारदाने की कीमत बढ़ा रही है, ताकि किसानों को नुकसान न हो। इस पुराने बारदाने का इस्तेमाल धान खरीदी में हो रहा है।
5.25 लाख गठान जूट बारदाने की जरूरत
छत्तीसगढ़ सरकार को किसानों से 105 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने के लिए 5.25 लाख गठान जूट बारदाने की जरूरत है। केंद्रीय जूट आयुक्त से अभी तक 86 हजार गठान बारदाना ही मिल पाया है। ऐसे में सरकार राइस मिलों, पीडीएस दुकानों से पुराना बारदाना ले रही है। किसानों से भी कहा गया है कि वे पहले दिन से पुराने जूट बारदाने में धान ला सकते हैं। सरकार धान के साथ-साथ बारदाने की भी कीमत देगी।
पुराने दर पर किसानों और मिलरों को घाटा
पिछले साल सरकार ने प्रत्येक जूट बारदाने की कीमत 15 रुपए तय की थी। चार दिन पहले इसकी दर 18 रुपए नग तय हुई। मंगलवार को राइस मिलरों के साथ मुख्यमंत्री की बैठक में इस दर का मुद्दा उठा था। किसान संगठन भी इस पर घाटे की बात कर रहे थे। उसके बाद इसका एक तार्किक दाम तय करने पर सहमति बनी।
पिछले साल किसानों को नहीं मिली राशि
पिछले साल किसानों को पुराने बारदाने की राशि नहीं मिली है। प्रति बारदाना 15 रुपए मिलना था लेकिन उन्हें समिति से राशि नहीं दी गई। यह आरोप किसानों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया है। अब देखना होगा कि इस क्या बारदाने की कीमत मिलेगा या नहीं।
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