आरक्षक-एसपी का आडियो वायरल होने से हड़कंप, सीएम भूपेश बघेल ने डीजीपी को दिए ये निर्देश

आरक्षक-एसपी का आडियो वायरल होने से हड़कंप, सीएम भूपेश बघेल ने डीजीपी को दिए ये निर्देश रायपुर। बलौदाबाजार जिले के एक आरक्षक और एसपी के बीतचीत का आडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। मामला सामने आने के बाद एसपी का ट्रांसफर कर दिया गया। वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पुलिस जवानों को शासकीय आवास आवंटन का काम पूरी पारदर्शिता पर गंभीरता के साथ करने के निर्देश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक जुनेजा को दिए हैं।

 प्राथमिकता के आधार पर आवास आवंटन

मुख्यमंत्री ने कहा कि जवानों को आवास आवंटन का काम उपलब्धता के आधार पर प्राथमिकता के साथ किया जाए और काम में पूरी पारदर्शिता रखी जाए। उन्होंने डीजीपी सहित पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षकों को इस कार्य को पूरी गंभीरता से करने के निर्देश दिए हैं।

जवानों की भावनाएं आहत न हों

उन्होंने कहा है कि पुलिस के जवान 24 घण्टे जनता की सेवा में लगे रहते हैं, उनकी समस्याओं का निराकरण जहां तक सम्भव हो सके तत्परता से किया जाना चाहिए, ताकि जवानों की भावनाएं आहत न हों और उनका मनोबल बना रहे।

डीजीपी आवास मामलों की समीक्षा करें

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि डीजीपी स्वयं आवास संबंधी मामलों की समीक्षा करें और प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करें । प्रत्येक जिले में एसपी भी अपने जिलाबल के जवानों को आवास आवंटन के मामलों का प्राथमिकता से निराकरण करें और इसकी सतत समीक्षा करें।

आडियो वायरल के बाद निर्देश

बता दें कि बलौदाबाजार जिले से आवास को लेकर एसपी और आरक्षक का आडियो वायरल हुआ था। एसपी का कहना था कि आरक्षक ने दो आवास आवंटन करा रखा है। जबकि आरक्षक का कहना था कि उसके साथ अन्याय हो रहा है। हालांकि ये आडियो पुराना है। लेकिन मीडिया में आने के बाद बवाल मच गया। इसके बाद बलौदाबाजार एसपी आईके एलेसेला का ट्रांसफर कर दिया गया।

पुलिस जवान आंदोलन की तैयारी में

छत्तीसगढ़ पुलिस के तृतीय श्रेणी के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 6 दिसंबर को पुलिस मुख्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है। इस चेतावनी के मद्देनजर सरकार एहतियातन कदम उठा रही है। इस प्रदर्शन में किसी भी जवान प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

जवानों की ड्यूटी तनावपूर्ण

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पुलिस जवानों की समस्याओं के निराकरण के लिए शुरू से ही बेहद संवेदनशील हैं। अपराधों पर रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिस जवानों की ड्यूटी बेहद अनुशासन और तनावपूर्ण रहती है। पुलिस जवानों का मानसिक तनाव कम हो और वे नवीन ऊर्जा के साथ कार्य कर सकें इसके लिये राज्य शासन द्वारा कई सालों से पुलिसकर्मियों की साप्ताहिक अवकाश की मांग को पूरा किया गया है।

कल्याणकारी कार्यक्रम चलाने का दावा

इस क्रम में विगत तीन वर्षों में पुलिसकर्मियों के कल्याण हेतु विभिन्न योजनायें शुरू की गई हैं। पुलिस परिवार के करीब 72 हजार जवानों एवं उनके परिजनों के लिए विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रम प्रारंभ किये गये हैं। छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल हिंसा में शहीदों और उनके परिजनों के प्रति पूरी संवेदनशील है। शासन द्वारा नक्सल हिंसा में शहीद जवानों के आश्रित परिजनों को दी जाने वाली एक्सग्रेसिया राशि 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रूपये कर दी गयी है।

अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की

मुख्यमंत्री बघेल के निर्देश पर पुलिस जवानों के शहीद एवं सामान्य मृत्यु के प्रकरणों को बेहद ही संवेदनशीलता के साथ निराकृत कर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जा रही हैं। इसके साथ ही पुलिस बल, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में तैनात पुलिस जवानों का तनाव कम करने सभी जिलों में रोस्टर बनाकर योगा शिक्षकों की सहायता से योगा क्लासेस भी शुरू की गयी है । खेल गतिविधियों से जोड़कर जवानों का तनाव दूर करने का भी प्रयास किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ पुलिस के कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर छत्तीसगढ़ पुलिस सेवा सम्मान निधि के रूप में 1 लाख रूपये दिये जाते थे। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 2 लाख रूपये कर दिया गया है। Airtel का प्रीपेड प्लान हुआ महंगा, ग्राहकों पर महंगाई की मार IND vs NZ 2nd Test : विराट कोहली आउट या नाटआउट, अंपायर ने दिया फैसला, छिड़ा विवाद, देखे वीडियो… पुलिस जवानों के आंदोलन से डरी सरकार, निकाला ये आदेश… सहायक वन संरक्षक और वन क्षेत्रपाल भर्ती : हाईकोर्ट ने परीक्षा परिणाम पर लगाया स्टे, जानें कारण… 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षा मार्च से, इस महीने जारी होगा समय सारिणी Our players have understood their roles and responsibilities: Dhoni on turnaroun