भ्रष्टाचार की सड़क : एमडी समेत 7 अधिकारियों, चार ठेकेदारों के खिलाफ अपराध दर्ज करने के आदेश, 70 करोड़ की सड़क 90 करोड़ में बनाया...

भ्रष्टाचार की सड़क : एमडी समेत 7 अधिकारियों, चार ठेकेदारों के खिलाफ अपराध दर्ज करने के आदेश, 70 करोड़ की सड़क 90 करोड़ में बनाया... अंबिकापुर। अंबिकापुर में 10 किलोमीटर के रिंग रोड में भारी भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ था। इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तत्कालीन एमडी, सात अधिकारियों और चार ठेकेदारों के खिलाफ अपराध दर्ज करने का आदेश दिया है। दरअसल, छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम ने 70 करोड़ का टेंडर किया गया। लेकिन उसके एवज में 94 करोड़ का भुगतान कर दिया गया। उपर से रिवाइज के नाम पर चार करोड़ और कर दिया। जिस कंट्रेक्टर को काम दिया गया, उसे कंक्रीट की सड़क बनाने का अनुभव भी नहीं था। उसने पेटी कंट्रेक्टर को काम सौंप दिया।

ये है पूरा मामला

छ०ग०शासन लोक निर्माण विभाग मंत्रालय रायपुर द्वारा आदेश क्रमांक 1703/689/2017/19/तक-3 रायपुर 27/4/2017 के माध्यम से प्रबंधक संचालक छ०ग० सड़क विकास निगम लिमिटेड रायपुर को अंबिकापुर रिंग रोड के सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन कार्य के लिए 9757.49 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसके उपरांत छत्तीसगढ़ रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड रायपुर द्वारा आदेश क्रमांक 1864/सीजीआरडीसी/2017, रायपुर 21/7/2017 के माध्यम से श्री किशन एवं कंपनी 4/12 श्री टावर, फर्स्ट फ्लोर शांति नगर रायपुर को अंबिकापुर रिंग रोड के निर्माण हेतु वर्क आर्डर जारी किया गया था उक्त है रिंग रोड को 0 किलोमीटर से 10.808 किलोमीटर तक का रोड 1 वर्ष की अवधि में निर्माण करना था, वर्क आर्डर 70,60,06,250/-रुपए स्वीकृत की गई थी।

1 साल का काम 3 साल में नहीं हुआ

अंबिकापुर के रिंग रोड निर्माण प्रारंभ हुए लगभग 3 वर्ष से काफी समय हो गया। ठेकेदार की समयावधि समाप्त हो गई लेकिन आज तक रिंग रोड कम्पलीट नहीं हो पाया है। रिंग रोड को पूरा नहीं करने के कारण ठेकेदार द्वारा गारंटी अवधि को समाप्त करने का भी खेल खेला जा रहा है। जितनी गारंटी अवधि है, उतने समय निर्माण कार्य में लगा दिया जाए कि जितनी गारंटी अवधि है और जमा सिक्योरिटी राशि लेकर मामला रफा-दफा कर दिया जाए।

गड़बड़ियों के आरोप

रिंग रोड के लिए जो प्रशासकीय स्वीकृति की गई है तथा किस-किस कार्य को करना है उसकी जानकारी सूचना के अधिकार के तहत आवेदक को 3/10/2019 को प्राप्त हुई है जिसमें सभी कार्यों का उल्लेख तथा उक्त कार्य के लिए कितनी राशि लगाना है का भी उल्लेख किया गया है। उक्त कार्य जो स्वीकृत हुए हैं उनमें से बहुत से कार्य ठेकेदार द्वारा अधिकारियों से मिलकर रिंग रोड में नहीं कराया जिसका मौके पर भौतिक सत्यापन करने से स्पष्ट हो जाएगा इसमें भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होने का लेख किया गया है। उक्त रिंग रोड बनने से दुर्घटना की कमी होगी का भी उल्लेख किया गया है इसके अलावा रोड को 4 वर्ष तक देख-रेख करना है पूर्ण होने के बाद से लेकिन अभी कार्य पूरा हुआ नहीं है और रिंग रोड की हालत खराब हो गई है। उसके संबंध में जांच कर दोषी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया जाना आवश्यक है। क्योंकि शासकीय राशि का गबन करना अपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है। अंबिकापुर के रिंग रोड में आज तक विभाग द्वारा ठेकेदारों को दिनांक 4/10/2019 तक कुल 94,08,56,752/- करोड रुपए का भुगतान किया जा चुका है। जबकि वर्क आर्डर 70,60,06,250/-रुपए स्वीकृत किया गया था और भुगतान 94,08,56,752/- करोड़ रुपए का कर दिया गया जोकि 23,48,50,502/-रुपए का अधिक भुगतान अधिकारियों से मिलीभगत कर किया गया है तथा शासकीय राशि का खुले रूप से गबन है जो कि एक अपराधिक कृत्य है इसलिए संबंधित के विरुद्ध प्रथम सूचना दर्ज किए जाने का आवेदन दिया गया था

बिना कार्य किए भुगतान

ठेकेदार द्वारा रिंग रोड में जो कार्य नहीं कराया गया है और उसकी राशि निकाल ली गई है जैसे रिंग रोड के दोनों तरफ 3.5-3.5 फीट का फुटपाथ बनाना था मौके पर नहीं बनाया गया है उसके लिए 5 करोड़ 27 लाख का प्रावधान था उसे भी ठेकेदार निकाल लिया है तथा नाली के ऊपर फुटपाथ दिखाया गया है जबकि ड्राइंग डिजाइन में नाली अलग है, फुटपाथ अलग है उसकी राशि निकाल ली गई है। जितनी मोटाई की ढलाई सड़क की करनी थी वह नहीं किया गया है स्टीमेट के अनुसार जितनी ढलाई करनी थी वह नहीं किया गया है। स्टीमेट के अनुसार 8 कलवर्ट बॉक्स का निर्माण होना था, 9 बड़े जंक्शन का प्रावधान था, 20 छोटे जंक्शन भी बनने का प्रावधान था जो कि मौके पर नहीं बनाया गया है उसकी राशि भी निकाल ली गई है। फर्जी तरीके से मेजरमेंट बुक भरा गया है उक्त मेजरमेंट में मेजरमेंट दिनांक एवं मेजरमेंट करने वाले अधिकारी का हस्ताक्षर नहीं है। ड्राइंग डिजाइन के अनुसार पाइप लाइन बिछाया जाना था जिससे कई तरह के वायर का विस्तार होता है लेकिन रिंग रोड के बीच में जो डिवाइडर बना है उसमें कहीं भी पाइप लाइन नहीं है बिजली के खंभे के तार भी मिट्टी में दबाकर लगाया गया है। उसकी भी राशि ठेकेदार अधिकारियों से मिलीभगत कर निकाल लिया है। प्रोटेबल बेरीकेट लगाना था जिसे नहीं लगाया है। उसकी राशि भी प्राप्त कर लिया है। रिंग रोड के दोनों तरफ कर्फ विथ चौनल बनाने का प्रावधान था जो कि मौके पर नहीं बनाया गया है उसकी भी राशि 76,79,150/- रुपए भी निकाल लिया गया है। रोड में 6 बार पेंट करना है तथा एरो का निशान बनाना है जिसकी राशि 5,53,380/- रुपए भी निकाल लिया गया है मौके पर कोई कार्य नहीं कराया गया है। स्टीमेंट की कंडिका 16, 17 एवं 18 के अनुसार 10 बड़े बोर्ड साइन तथा 455 छोटे साइन बोर्ड लगा था जिसकी राशि 703410/- रुपए का प्रावधान था उक्त राशि निकाल ली गई है और मौके पर नहीं लगाया गया है। रिंग रोड में स्टील रेलिंग बनाने का प्रावधान किया गया है जिसके लिए 52,36,000 आवंटित था तथा उक्त राशि भी बिना कार्य कराएं निकाल लिया गया। रिंग रोड के साइड के दीवारों में पेंटिंग करने का भी प्रावधान था जो नहीं कराया गया है। रिंग रोड के डिवाइडर को 80280 रनिंग मीटर बनाना था हर 25 मीटर पर 366 जगह सपोर्ट बिम डालना था जिसका साइज 70 सेंटीमीटर 20'15 देना था उसके लिए 13980191 का प्रावधान था उक्त राशि भी बिना कार्य कराए निकाल लिया गया है। रिंग रोड डिवाइडर में 65 लाख का पौधारोपण करना था जो नहीं किया गया है। रिंग रोड के पार्थवे के दोनों साइड फुल,झड़ियां, पौधारोपण करना था इसके अलावा 14624 मीटर हेज लगाना था जिसके लिए 24,56,832/-रुपए का प्रावधान था उक्त कार्य भी नहीं किया गया है। पौधों के लिए लगभग 3-4 करोड रुपए की राशि ठेकेदार द्वारा निकाली गई लेकिन मौके पर पौधारोपण नहीं किया गया। ऐसे कई फर्जी कार्य है जिनके काम नहीं किये गए लेकिन पैसे निकाल लिए गए जो बिना अधिकारियों के संलिप्तता के नहीं हो सकता है।

कोर्ट में ले गया माला

तथ्यों का उल्लेख कर मामले की शिकायत थाना अमिबकापुर में तथा एसपी सरगुजा को किया गया था लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसके बाद वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज तिवारी के माध्यम से डी०के० सोनी अधिवक्ता ने ठेकेदार तथा रिंग रोड निर्माण में संलग्न सभी अधिकारियों के विरुद्ध शासकीय राशि का षडयंत्र पूर्वक योजनाबद्ध तरीके से गबन करने के संबंध में न्यायालय में अपराध पंजीबद्ध किए जाने आवेदन प्रस्तुत किया गया। यह भी पढ़े- बीजेपी का बड़ा आरोप, कहा- ‘सरकार ने किया मुआवजा घोटाला, कई अधिकारी संलिप्त’… आरक्षक-एसपी का आडियो वायरल होने से हड़कंप, सीएम भूपेश बघेल ने डीजीपी को दिए ये निर्देश चेतेश्वर पुजारा ने जड़ा छक्का, फैन्स उत्साहित, देखिए वीडियो…