छत्तीसगढ़ के 22 आईएएस के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज, विधानसभा में सरकार ने दिया जवाब
रायपुर। प्रदेश के 22 आईएएस के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। राज्य सरकार ने विधानसभा में बात कही है। विधायक कृष्णमूर्ति बांधी के सवाल पर राज्य सरकार ने जवाब विधानसभा में दिया है।
विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, सबसे पुराना मामला 23 फ़रवरी 1995 का है, जिसमें रघुनाथ प्रसाद, जी वैंकेय्या, आरपी यादव, अजय नाथ और एनपी तिवारी का है। इसमें धारा 409,420,467,468,120-ठ,13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं प्रभावी हैं।
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इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने पद का दुरपयोग करते हुए आवासीय भवनों और भूखंडों के आबंटन के खिलाफ कार्य कर शासन को क्षति पहुंचाई है, और यह मामला विवेचना के स्तर पर लंबित है।
बताया गया कि रघुनाथ शर्मा तत्कालीन अध्यक्ष रायपुर विकास प्राधिकरण,जी वैकन्ना,आर पी यादव तत्कालीन कलेक्टर रायपुर, अजय नाथ तत्कालीन सीईओ रायपुर विकास प्राधिकरण, एन पी तिवारी तत्कालीन कलेक्टर रायपुर, एम के राउत, एच पी किंडो, राबर्ट हिरंगडोला, नारायण सिंह, सुब्रत साहू, टी एस छतवाल, आर पी बगई, बाबूलाल अग्रवाल, राजेश टोप्पो, व्ही के ध्रुर्वे, डॉ आलोक शुक्ला, अनिल टूटेजा, रणवीर शर्मा और जनक पाठक के नाम शामिल हैं।
इनमें एम के राउत, सुब्रत साहू, रॉबर्ट हिरंगडोला और नारायण सिंह के खिलाफ मामला खत्म हो चुका है। जबकि रणवीर शर्मा के खिलाफ मामला ख़ारिज किया जा चुका है।
एच पी किंडो के खिलाफ 6 मामले हैं, जो विवेचना में लंबित है हालाँकि उनकी मृत्यु हो चुकी है। राजेश सुकुमार टोप्पो के विरुध्द तीन मामले हैं जिनमें अभियोजन स्वीकृति लंबित होने की जानकारी सरकार ने दी है। राजेश सुकुमार टोप्पो के खिलाफ धारा 120B,7 (सी) और 13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।अनिल टूटेजा और आलोक शुक्ला के विरुध्द चालान पेश किया जा चुका है।
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