सहायक शिक्षकों का जेल भरो आंदोलन, हजारों शिक्षकों ने दी गिरफ्तारी, बोले- मुख्यमंत्री स्थिति स्पष्ट करें, लेकिन सरकार ने कोई जवाब नहीं

सहायक शिक्षकों का जेल भरो आंदोलन, हजारों शिक्षकों ने दी गिरफ्तारी, बोले- मुख्यमंत्री स्थिति स्पष्ट करें, लेकिन सरकार ने कोई जवाब नहीं रायपुर। प्रदेश भर के सहायक शिक्षकों ने आज राजधानी रायपुर में गिरफ्तारी दी। गिरफ्तार शिक्षकों को दो घण्टे तक अस्थाई जेल में बंद कर रखा गया। इसके बाद रिहा कर दिया गया। सहायक शिक्षक फेडरेशन के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन के तहत 13 दिसंबर को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम किया गया। उसके बाद आज फेडरेशन के द्वारा जेल भरो आंदोलन के तहत प्रदेश भर के शिक्षक गिरफ्तारी देने के लिए राजधानी पहुंचे थे। डीपीआई द्वारा कार्यवाही के निर्देश का भी असर शिक्षकों पर असर नहीं पड़ा। बड़ी संख्या में महिला शिक्षक भी राजधानी पहुंची थी। बूढ़ा तालाब स्थित प्रदर्शन स्थल से हजारों की संख्या में गिरफ्तारी देने निकले शिक्षकों को पुलिस ने सप्रे शाला मैदान के पास ही रोक लिया। शिक्षकों को सप्रे शाला मैदान के अस्थाई जेल में रखा गया। जहां प्रदेश भर से पहुंचे करीब 25 हजार शिक्षकों ने अपनी गिरफ्तारी दी। गिरफ्तार शिक्षकों को औपचारिक गिरफ्तारी के बाद दो घण्टे तक अस्थायी जेल में रखने के बाद रिहा कर दिया गया। भगदड़ में 2 महिला शिक्षिका घायल गिरफ्तारी के दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा झूमाझटकी हुई। इस धक्का मुक्की से शिक्षकों में भगदड़ मच गई। जिससे दो महिला शिक्षिका घायल भी हो गईं। जिनमें बस्तर से आई शिक्षिका दुर्गा वर्मा व कवर्धा की शिक्षिका तिलेश्वरी शांडिल्य शामिल हैं। इन्हें उपचार के लिए एम्बुलेंस से हास्पिटल ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी छुट्टी कर दी गई।

मुख्यमंत्री स्थिति स्प्ष्ट करें- मनीष मिश्रा

सहायक शिक्षक फेडरेशन के अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने मीडिया को बताया कि हमारी बस एक ही मांग हैं कि वेतन विसंगति दूर की जाए। और इसके लिये हम सिर्फ चर्चा करना चाहते है। अभी तक कमेटी बनाने व कमेटी की रिपोर्ट आने पर विसंगति दूर करने का आश्वसन दिया गया था। पर तय समय सीमा बीतने के बाद भी आज तक इस सम्बंध में कोई निर्णय नहीं हो सका हैं, लिहाजा मुख्यमंत्री को हमसे बात कर स्थिति स्प्ष्ट करनी चाहिए कि वे वेतन विसंगति दूर करेंगे या नहीं।"

आंदोलन को शिक्षक संगठनों का समर्थन

मनीष मिश्रा ने दावा किया कि अन्य शिक्षक संगठनों ने भी उनके आंदोलन को समर्थन दिया हैं। मनीष मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।

सरकार ने नहीं दिया जवाब

हजारों शिक्षकों ने अपनी मांग को लेकर गिरफ्तारी दी, लेकिन सरकार ने इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। जब कमेटी बन गई तो इसका उन्होंने क्या फैसला किया, ये भी नहीं बता रहे हैं। शिक्षकों के जो सवाल है उसका जवाब सरकार से नहीं मिल रहा है। विपक्ष में रहते समय आश्वासन अब जीत के बाद भूल गए। यह आरोप शिक्षकों ने लगाया है। यह भी पढ़े- पीेएम आवास योजना पर विधानसभा में हंगामा, सीएम ने कहा- केंद्र गरीबों का घर बनाने दें राशि, अजय चंद्रकार ने पूछा- सभी योजना में ऐसे कहेंगे… देश में 51 हजार 5 सौ 76 करोड़ रुपए से अधिक बेकार पड़ा, कोई दावेदार नहीं- वित्त मंत्री सीतारमन  भारतीय क्रिकेट टीम में टकराव : विराट कोहली वनडे और रोहित शर्मा टेस्ट नहीं खेलेंगे, क्या कप्तानी है बड़ी वजह? नगरी निकाय चुनाव में षड्यंत्र का आरोप, चार घर में 500 से ज्यादा मतदाता, एक घर में सभी धर्म के… पीएम मोदी बोले- सीडीएस जनरल बिपिन रावत का जाना बड़ी क्षति, लेकिन भारत की प्रगति रुकेगा नहीं बीजेपी का बड़ा आरोप, कहा- ‘सरकार ने किया मुआवजा घोटाला, कई अधिकारी संलिप्त’…