सहायक शिक्षकों के आंदोलन पर सीएम भूपेश बोले- आंदोलन से हल नहीं निकलेगा, इधर फेडरेशन के अध्यक्ष मनीष ने कहा- बहुत हुई बातचीत, अब आर-पार

सहायक शिक्षकों के आंदोलन पर सीएम भूपेश बोले- आंदोलन से हल नहीं निकलेगा, इधर फेडरेशन के अध्यक्ष मनीष ने कहा- बहुत हुई बातचीत, अब आर-पार मुंगेली। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुंगेली में सहायक शिक्षकों के आंदोलन पर बड़ा बयान दिया है। बघेल ने कहा कि कोरोना काल के कारण बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पाई। ऐसे में उन्हें आंदोलन नहीं करना चाहिए। बच्चों की पढ़ाई बर्बाद हो गई है। करीब डेढ़ साल से स्कूल नहीं खुला है। मुख्यमंत्री शिक्षकों को नसीहत देते हुए कहा कि ऐसे समय में उन्हें आंदोलन नहीं करना चाहिए। क्या हड़ताल से समस्या का हल हो जाएगा। उन्हें बातचीत से मसला निपटाना चाहिए। बातचीत से रास्ता निकालना चाहिए है। बघेल गुरु घासीदास जयंती पर मुंगेली पहुंचे थे। इस दौरान पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए ये बातें कही।  (हमारे वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दिए फोटो को क्लिक कीजिए) तीन महीने के लिए बनी कमेटी, लेकिन रिपोर्ट नहीं सौंपी, अब जंगी आंदोनल सतअंजोर डॉट कॉम (satanjor.com) शनिवार शाम को रिपोर्टिंग करने रायपुर के बूढ़ा तालाब स्थित धरना स्थल पर पहुंची। शाम को शिक्षक नेता अपने साथियों को संबोधित किया। इस दौरान सहायक शिक्षक फेडरेशन कार्यकारिणी की बैठक चल रही थी। बैठक के बाद  फेडरेशन के अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने आंदोलन रत साथियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि  सरकार ने सहायक शिक्षकों के मांग के लिए एक कमेटी बनाई है। इसे तीन महीने के लिए बनाया गया था। लेकिन इसका समय काफी पहले ही पूरा हो गया है। लेकिन कमेटी ने अभी तक रिपोर्ट नहीं सौंपी है। अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे में हमारे पास आंदोलन के सिवाय कोई रास्त नहीं बचा था। एक बार मुख्यमंत्री के कहने पर आंदोलन टाला गया। इससे साथी पदाधिकारियों पर आक्रोशित हुए। लेकिन उन्हें किसी तरह मना लिया। लेकिन हम वेतन विसंगति की दंश बर्दाश्त नहीं जा सकती।


 सचिव स्तर की बातचीत में क्या हुआ

मनीष मिश्रा ने बताया कि सचिव आलोक शुक्ला से बातचीत के दौरान फिर कमेटी रिपोर्ट की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि अभी रिपोर्ट नहीं आई है। आने के बाद चर्चा की जाएगी। मंगलवार को फिर बैठक करेंगे। शिक्षक कमेटी के चक्कर में गोल-गोल घुमाने की बात समझ गई। बैठक में चेतावनी देते हुए उन्हें कहा गया कि जब तक हमारी मांग पर चर्चा नहीं होगी, तब तक बातचीत भी नहीं होगी। 

सरकार के पास रूपए नहीं

फेडरेशन के अध्यक्ष ने बताया कि बैठक में कहा कि सरकार के पास रुपए नहीं है। केंद्र सरकार हमारा फंड नहीं दे रही है। इस पर प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि अन्य शिक्षकों की तरह हमें भी सामान वेतन मिलना चाहिए। विसंगति दूर करना चाहिए। किसी मद पर 10 प्रतिशत राजस्व बढ़ाने पर पूर्ति आसानी जो जाेगी।

निर्णायक मोड़ पर आंदोलन

मनीष मिश्रा ने कहा कि सहायक शिक्षकों का आंदोलन अंतिम चरण पर है। आंदोलन निर्णायक मोड़ पर आ गई है। लेकिन प्रदेश में हमारे 1 लाख 9 हजार सहायक शिक्षक है। लेकिन धरना स्थल पर वह संख्या नहीं दिखती। जो छुट्टी लेकर घर पर उन्हें धरना स्थल पर आना चाहिए। तभी सरकार को हमारी ताकत दिखेगी। संगठन में बड़ी शक्ति है। सरकार अब हमें गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। सूचना है कि समेटी की फाइल पहुंच गई है। लेकिन हमें मैदान डटे रहना है। दो दिन के अंदर और बड़ा कुछ किया जाएगा। 

धरना स्थल पर पंथी नृत्य

बाबा गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर धरना स्थल पर शिक्षकों ने पंथी नृत्य किया। वहीं सरकार को जगाने कैंडल मार्च निकालने की तैयारी की जा रही थी।

11 दिसंबर से आंदोलन, इस तरह से सरकार को दिलाया ध्यान

बता दें कि सहायक शिक्षक फेडरेशन के बैनर तले शिक्षक 11 दिसंबर से वेतन विसंगति दूर करने की अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं। इस दौरान शिक्षक अलग अलग तरीको से अपनी मांगों की तरफ सरकार का ध्यान आकृष्ट करवा रहा हैं। पहले ब्लाक मुख्यालयो में धरना प्रदर्शन किया गया। इसके बाद विधानसभा घेराव, जेल भरो आंदोलन व भूख हड़ताल किया गया।  आंदोलन के 7 वे दिन सफाई सत्याग्रह चला कर प्रेस क्लब, एसपी आफिस,कलेक्ट्रेट में शिक्षकों ने झाड़ू लगा कर सफाई की।  यह भी पढ़े-  कट्टे की नोक पर डकैती : देर रात दरवाजा खटखटाया, फिर कनपटी पर तान दिया कट्टा, 5 लाख नकदी और गहने लेकर फरार ठगों के झांसे से सावधान : रिटायर्ड प्राचार्य से 39 लाख रुपए की ठगी, ऐसे फंसाया जाल में… नक्सली मुठभेड़ : डीआरजी जवानों ने 2 महिला नक्सली को किया ढेर, हथियार बरामद कोरोना मुआवजा देने में देरी, सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी, छत्तीसगढ़ से मांगा जवाब मंत्री डहरिया की सभा में एक कार्यकर्ता की मौत, भारी हंगामा… बड़ी खबर : एक हजार शिक्षकों की पोस्टिंग लिस्ट जारी, देखें सूची… बीजेपी का बड़ा आरोप, कहा- ‘सरकार ने किया मुआवजा घोटाला, कई अधिकारी संलिप्त’…