निकाय चुनाव : फर्जी मतदान आया सामने, व्यक्ति का किसी दूसरे ने डाल दिया वोट, पीठासीन ने दी टेंडर वोट की व्यवस्था...
निकाय चुनाव : फर्जी मतदान आया सामने, व्यक्ति का किसी दूसरे ने डाल दिया वोट, पीठासीन ने दी बिरगांव में टेंडर वोट की व्यवस्था...
रायपुर। बिरगांव नगर पालिका निगम चुनाव में फर्जी मतदान की शिकायत सामने आई है। मतदाता के नाम से पहले ही किसी ने मतदान कर दिया था। मतदाता की शिकायत सही पाए जाने पर टेंडर वोट की इजाजत दी गई। मामला बिरगांव नगर निगम के मतदान केंद्र आडवाणी आर्लिकॉन शासकीय उमा विद्यालय का है।
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बिरगांव टेंडर वोट, पीठासीन ने दी मतदान की इजाजत
विद्यालय में एक साथ 3-4 वार्डों के लिए वोटिंग चल रही है। सुबह मतदान करने पहुंचे वार्ड 23 के मतदाता आनंद कुमार सिंह के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा, जब उसकी आईडी को देखकर अधिकारियों ने बताया कि उसके नाम से पहले ही वोटिंग हो चुकी है। आनंद कुमार ने तत्काल इसकी शिकायत पीठासीन अधिकारियों से की। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर आनंद कुमार को टेंडर वोट के जरिए मतदान की इजाजत दी गई।
मतदाता सूची से नाम विलोपित
बिरगांव नगर निगम के मतदान केंद्र आडवाणी आर्लिकॉन शासकीय उमा विद्यालय में केवल यही शिकायत नहीं है, इसके साथ ही मतदाता सूची से 27 मतदाताओं के नाम विलोपित होने की भी शिकायत है, जिस पर अधिकारी कोई जवाब देने की स्थिति में नहीं थए।
टेंडर वोट क्या है (what is tender vote)
कई बार ऐसा होता है कि जब मतदाता वोट डालने जाता है, तो उसे पता चलता है कि उसका वोट पहले ही डाला जा चुका है। ऐसे में वो अपने पीठासीन अधिकारी से इसकी शिकायत कर सकता है। पीठासीन अधिकारी से दस्तावेजों की जांच कर व उसकी पहचान संबंधित सवाल कर उससे टेंडर वोट डलवा सकता है। टेंडर वोट बैलेट पेपर पर लिया जाता है।
चैलेंज वोट क्या है (what is challenge vote)
पोलिंग बूथ पर मौजूद राजनीतिक पार्टियों के एजेंट किसी वोटर के वोट को चैलेंज कर सकते हैं। अगर एजेंट को लगता है कि संबंधित वोटर फर्जी है और वो किसी दूसरे व्यक्ति की वोट डालने आया है, तो वो पीठासीन अधिकारी से बोल कर वोट को चैलेंज कर सकता है, इसे चैलेंज्ड वोट कहा जाता है।
इसके लिए दो रुपये फीस देनी होती है। पीठासीन अधिकारी उस मतदाता के दस्तावेजों की जांच करते हैं कि वह सही वोटर है या नहीं। अगर वोटर सही होता है, तो उसे वोट डालने की मंजूरी दे दी जाती है और अगर वो फर्जी होता है, तो उसे तुरंत पुलिस को सौंप दिया जाता है।
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