'ओमिक्रोन के 90 फीसदी मामलों में कोई लक्षण नहीं, अधिक समय तक अस्पताल में रखने की जरूरत नहीं'

'ओमिक्रोन के 90 फीसदी मामलों में कोई लक्षण नहीं, अधिक समय तक अस्पताल में रखने की जरूरत नहीं' डेस्क। कोरोना वायरस के नए ओमिक्रोन वेरिएंट से भारत सहमा हुआ है। देश में अब तक 346 मामले सामने आ चुके हैं। महाराष्ट्र (88) और राजधानी दिल्ली (57) में सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। दिल्ली के लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल (LNJP) के डॉक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि ओमिक्रोन वेरिएंट से संक्रमित मरीजों को बहुत ज्यादा समय के लिए अस्पताल में रखने की जरूरत नहीं पड़ रही है। उन्होंने बताया कि LNJP में ओमिक्रोन वेरिएंट कुल 34 मरीजों को भर्ती किया गया था, जिनमें से 18 डिस्चार्ज हो चुके हैं। ओमिक्रोन के 90 फीसद मामलों में कोई लक्षण नहीं।

बूस्टर डोज वाले भी ओमिक्रोन संक्रमित, लक्षण नहीं

डॉ. सुरेश ने न्यूज एजेंसी ANI के हवाले से बताया कि अस्पताल में भर्ती सभी मरीज पूरी तरह से वैक्सीनेटेड थे। इनमें दो मरीज ऐसे भी थे जिन्होंने इंग्लैंड में रहते हुए बूस्टर डोज लगवाया था। उन्होंने कहा कि उनके अस्पताल में एयरपोर्ट से रोजाना 15-18 संदिग्ध लोगों को लाया जा रहा है। (हमारे वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दिए फोटो को क्लिक कीजिए) डॉ. सुरेश ने कहा कि ओमिक्रोन के ज्यादातर संक्रमित ठीक हो गए हैं और उन्हें डिस्चार्ज किया जा चुका है। इसके मरीजों में अब तक किसी तरह के गंभीर लक्षण नहीं देखे गए हैं। ओमिक्रॉन के 90 फीसद मामलों में ना तो कोई लक्षण था और ना उन्हें किसी उपचार की जरूरत पड़ी। हमने उन्हें आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती किया और उनकी लगातार निगरानी की।

महाराष्ट्र में अधिक मरीज

देशभर में ओमिक्रोन के अब तक 346 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। महाराष्ट्र (88), दिल्ली (57) और तेलंगाना (24) में सबसे ज्यादा मामले देखे गए हैं। ओमिक्रोन की चपेट में आए अब तक 100 से भी ज्यादा लोग रिकवर हो चुके हैं। कोरोना का नया संकट उभरता देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को सतर्क और सावधान रहने की सलाह दी है। 

डॉ. एंजलीके कोएट्जी ने कहा- सामान्य इलाज में रिकवर

वहीं, दक्षिण अफ्रीका में पहली बार ओमिक्रोन की पहचान करने वाली डॉ. एंजलीके कोएट्जी ने मंगलवार को कहा कि उनके देश में ओमिक्रोन से संक्रमित मरीज सामान्य इलाज से ही रिकवर हो रहे हैं। यहां संक्रमण का पता लगने के बाद मरीजों को कोर्टिसोन या इबुप्रोफेन जैसी दवाओं की हल्की डोज दी जा रही है ताकि मरीज को मांसपेशियां और सिरदर्द से राहत मिल सके। इसमें ऑक्सीजन या एंटीबायोटिक्स की जरूरत नहीं पड़ रही है। यह भी पढ़े- निकाय चुनावों में कांग्रेस की बड़ी जीत, 6 नगर पंचायत और 4 नगर निगम में मारी बाजी, जानिए कहा कितनी सीट मिली… छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी में 3707 पदों पर भर्ती, परीक्षा की तारीख घोषित… सहायक शिक्षकों के आंदोलन पर सीएम भूपेश बोले- आंदोलन से हल नहीं निकलेगा, इधर फेडरेशन के अध्यक्ष मनीष ने कहा- बहुत हुई बातचीत, अब आर-पार ठगों के झांसे से सावधान : रिटायर्ड प्राचार्य से 39 लाख रुपए की ठगी, ऐसे फंसाया जाल में… कोरोना मुआवजा देने में देरी, सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी, छत्तीसगढ़ से मांगा जवाब