धर्म संसद में महात्मा गांधी पर विवादित बयान, कालीचरण महाराज के खिलाफ केस दर्ज

धर्म संसद में महात्मा गांधी पर विवादित बयान, कालीचरण महाराज के खिलाफ केस दर्ज रायपुर। राजधानी रायपुर के रावणभाठा में आयोजित धर्म संसद में संत ने विवादित भाषण दे दिया। कार्यक्रम में संत कालीचरण महाराज ने महात्मा गांधी के खिलाफ एक अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया, जिसकी कांग्रेस समेत दूसरे दलों के नेताओं ने तीखी आलोचना की है। कांग्रेस नेताओं ने थाने में कालीचरण महाराज के खिलाफ केस दर्ज कराया है।  रात 12 बजे सिविल लाइन थाने में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने विवादित विचार रखने वाले कालीचरण के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। वहीं कांग्रेस नेता प्रमोद दुबे ने टिकरापारा थाने में कालीचरण के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। (हमारे वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दिए फोटो को क्लिक कीजिए) वहीं कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने तल्ख शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अपने ट्विटर अकाउंट से लिखा है, ''यह भगवाधारी फ्रॉड राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को सरेआम गालियां दे रहा है, इसे तत्काल अंदर करना चाहिए। गांधी जी से किसी को वैचारिक मतभेद हो सकता है, पर उनका अपमान करने का हक किसी को नहीं है। यह अक्षम्य अपराध है।''

ये विवादित बयान दिया

रायपुर के रावणभाठा मैदान में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के समापन दिवस पर बोलते हुए, कालीचरण ने कहा, "इस्लाम का लक्ष्य राजनीति के माध्यम से राष्ट्र पर कब्जा करना है। हमारी आंखों के सामने उन्होंने 1947 में कब्जा कर लिया था... उन्होंने पहले ईरान, इराक और अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने राजनीति के माध्यम से बांग्लादेश और पाकिस्तान पर कब्जा कर लिया था... मैं नाथूराम गोडसे को सलाम करता हूं कि उन्होंने मोहनदास करमचंद गांधी की हत्या की।" 

कांग्रेस नेता और महंत रामसुंदर दास ने छोड़ा मंच

कालीचरण की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के पूर्व विधायक और छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास ने कहा, देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ कुर्बान करने वाले राष्ट्रपिता के खिलाफ इस तरह के अपशब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। दास ने कहा, जिस उद्देश्य के साथ यह आयोजन किया गया था, वह अपने रास्ते से भटक गया है। आजादी के लिए अपना सब कुछ बलिदान करने वाले महात्मा गांधी को देशद्रोही बताया जा रहा है। मैं आयोजक से पूछना चाहता था कि उन्होंने इस तरह की आपत्ति क्यों नहीं उठाई? राष्ट्रपिता के लिए शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा था....मुझे खेद है, लेकिन मैं इस आयोजन से खुद को अलग कर रहा हूं।" इसके बाद दास मंच से चले गए।

कालीचरण के बया से असहमत

कार्यक्रम के आयोजक नीलकंठ त्रिपाठी ने कहा कि वह पूर्व के बयान से पूरी तरह असहमत हैं। इसको लेकर प्रदेश कांग्रेस कम्युनिकेशन विंग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, 'महात्मा गांधी के खिलाफ इस तरह के अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल बेहद आपत्तिजनक है। कालीचरण को पहले यह साबित करना चाहिए कि वह एक संत हैं।'

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