कालीचरण की जमानत याचिका खारिज
कालीचरण की जमानत याचिका खारिज
रायपुर। महात्मा गांधी को अपशब्द कहने वाले कालीचरण की जमानत याचिका आज कोर्ट ने खारिज कर दिया है। ज़मानत पर रायपुर अदालत में करीब एक घंटे 45 मिनट तक बहस हुई। बचाव पक्ष को सुनने के बाद जज ने कालीचरण की ज़मानत याचिका खारिज कर दिया है।
रायपुर के 12 एडीजे विक्रम पी चंद्रा ने फ़ैसले में कहा कि लगाई गई धाराओं में राजद्रोह है, आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। ज़मानत देना उचित प्रतीत नहीं होता। जमानत आवेदन ख़ारिज किया जाता है।
बचाव पक्ष ने कहा- राजद्रोह राज्य के खिलाफ, व्यक्ति विरूद्ध नहीं
इससे पहले बचाव पक्ष ने राजद्रोह समेत अन्य धाराओं को चुनौती देते हुए इसे प्रकरण में प्रभावी नहीं होने का तर्क दिया। बचाव पक्ष ने कहा, वैसे भी राजद्रोह राज्य के खिलाफ होता है ना कि व्यक्ति के खिलाफ। राजद्रोह में राज्य प्रार्थी होता है जबकि कालीचरण के विरुध्द प्रमोद दुबे प्रार्थी हैं।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया गलत, संविधान का हुआ उल्लंघन
बचाव पक्ष की ओर से गिरफ़्तारी की प्रक्रिया को भी चुनौती दी गई और गिरफ़्तारी पत्रक को अधूरा बताया गया। बचाव पक्ष ने इस पर प्रश्न किया। खजुराहो से पकड़ा गया और वहां के जज के सामने ही पेश नहीं किया गया। यह संविधान की धारा 21 और 22 का उल्लंघन है।
बचाव पक्ष ने राजद्रोह के मसले पर केदारनाथ विरुध्द बिहार सरकार और विनोद दुआ विरुध्द केंद्र सरकार के मामले भी पेश किए। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि यदि कोई मामला बनता भी है तो केवल 294 का बनता है, हमें ज़मानत का लाभ दिया जाए।
लोग अभियोजक ने कहा- दो पक्षों को भड़काने वाला बयान
सरकार की ओर से लोक अभियोजक केके शुक्ला ने ज़मानत याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया। यह किसी एक व्यक्ति को गाली देने का ही नहीं बल्कि वर्ग को भड़काने वाला और दो पक्षों बीच दंगा भड़काने वाला बयान था। अपराध होता लेकिन उसके पहले ही हमने कार्यवाही की और अपराध होने से रोक लिया। जहां तक धाराओं के लगने का मसला है तो यहां बहस जमानत पर है। जमानत याचिका खारिज करने का आग्रह करते हैं।
बता दें कि शुक्रवार को कोर्ट ने कालीचरण को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में सेंट्रल जेल भेज दिया था। कालीचरण के वकील ने जमानत के लिए याचिका लगाई थी।
(हमारे वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दिए फोटो को क्लिक कीजिए)
धर्म संसद में कालीचरण ने दिया विवादित बयान
बता दें कि रावणभाठा मैदान में पिछले दिनों धर्म संसद के दौरान कालीचरण के विवादित बयान के बाद कांग्रेस नेता ने टिकरापारा थाने में एफआइआर दर्ज करवाई थी। इसी मामले में महाराष्ट्र के अकोला में एफआइआर दर्ज करवाई गई थी। केस टिकरापारा थाना पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है।
यह भी पढ़े- कोर्ट में कालीचरण महाराज के समर्थकों का हंगामा, जमकर की नारेबाजी…
19 दिसंबर को हिंदू अघाड़ी द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान भड़काऊ भाषण देने पर 21 दिसंबर को धर्म विशेष की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में कालीचरण समेत छह लोगों पर खडक थाने में एफआइआर दर्ज हुई थी।
यह भी पढ़े- कालीचरण के बिगड़े बोल पर कोहराम, सीएम भूपेश बोले- कालीचरण है या गालीचरण, किसने भेजा था…
मामला दर्ज होने के बाद से कालीचरण फरार चल रहा था। महाराष्ट्र की ठाणे खडक पुलिस प्रोडक्शन वारंट में लेने आई है। कालीचरण के अलावा मिलिंद रमाकांत एकबोटे, मोहन राव सेटे, दीपक बाबूराव नागपुरे और कालीचरण, कैप्टन दीगेंद्र कुमार, नंदकिशोर रमाकांत एकबोटे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
यह भी पढ़े-
कप्तान विराट कोहली ने बनाई मीडिया से दूरी, कोच द्रविड ने बताई ‘असली’ वजह
नए साल के पहले 31 दिसंबर को रिकार्ड शराब बिक्री, प्रदेश में जमकर छलका जाम, जानें टॉप 5 जिले…
Under-19 Asia Cup : भारत ने श्रीलंका को दी मात, फाइनल मुकाबला 9 विकेट से जीता
वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़, 12 लोगों की मौत, 13 घायल, पीएम मोदी ने जताया शोक
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में भाषा और गणित कौशल बढ़ाने चलेगा अभियान, इस कक्षा तक के बच्चे होंगे शामिल