किसानों की मजबूरी का उठाया फायदा,जिला सहकारी बैंक का प्रबंधक निलंबित
कोरबा। जिला सहकारी बैंक के प्रबंधक को निलंबित कर दिया गया है। प्रबंधक पर किसानों को धान खरीदी की रकम देने के बदले अवैध वसूली की जा रही थी। मामला प्रकाश में आने के बाद कोरबा कलेक्टर ने जांच कराई। जांच में शिकायत सही पाई गई। रिपोर्ट मिलने के बाद शाखा प्रबंधक को निलंबित करने की अनुशंसा की गई।
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धान बिक्री की रकम में कटौती
किसानधान खरीदी केंद्रों में अपना धान बेच रहे हैं। धान बिक्री की रकम उन्हें इलाके के सहकारी बैंकों से मिल रही है। इस वजह से इन बैंकों में किसानों की भीड़ जुट रही है।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के अधीन संचालित कोरबा के सहकारी बैंक में पहुंचने वाले किसानों को विड्रॉल फॉर्म में भरी गई रकम से कम नोट मिल रहे थे। किसानों को अपने ही खातों से राशि निकालने में असुविधा और नियम विरुद्ध राशि वसूली की शिकायत मिल रही थी। किसानों की यह शिकायत मीडिया में सामने आई। इसके बाद कलेक्टर रानू साहू ने इसकी जांच कराई।
शाखा प्रबंधक ने दी सफाई
शाखा प्रबंधक अजय कुमार साहू ने आरोपों पर सफाई दी। उसने कहा कि जिस बैंक से रूपये लाये जा रहे हैं, वहां से ही कुछ गड्डियों में नोट कम आये, जिसके चलते किसानों को कम रकम मिली। साहू की यह सफाई काम नहीं आई। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में इसे प्रबंधन की लापरवाही माना।
दरअसल किसानों की बैंक में भीड़ के चलते कर्मचारी फायदा उठाकर किसानों को निर्धारित रकम से पैसे काट कर दे रहे थे। यह बात जांच के दौरान उजागर हो गई, जिसकी गाज प्रबंधक पर गिरी।
कोरबा कलेक्टर रानू साहू ने जांच प्रतिवेदन के साथ ही कार्रवाई की अनुशंसा जिला सहकारी बैंक, बिलासपुर के CEO को भेजी, जिसका पालन करते हुए CEO ने शाखा प्रबंधक अजय कुमार साहू को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
अजय साहू का मूल पद सहायक लेखापाल है। वे कोरबा सहकारी बैंक में प्रभारी शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत है। निलंबन अवधि में अजय साहू का मुख्यालय में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर नियत किया गया है।
बैंक परिसर में गिनकर लें पूरी राशि
कलेक्टर ने जिले के किसानों को भी यह सलाह दी है कि वे बैंक से राशि आहरण के लिए किसी भी प्रकार की कोई अतिरिक्त राशि किसी भी व्यक्ति को न दें। बैंक से राशि आहरण के बाद बैंक काउंटर पर ही सावधानी से गिनकर पूरी राशि मिलने की तस्दीक करें और राशि कम होने पर तत्काल कैशियर या बैंक मैंनेजर से शिकायत कर पूरी राशि प्राप्त करें। कलेक्टर ने यह भी सलाह दी है कि नोटों की गड्डियों में कम नोट निकलने पर गड्डी के उपर लगी पर्ची को फाड़कर न फेंकें। नोट की गड्डी को तत्काल पर्ची सहित कैशियर या बैंक मैनेजर को लौटाकर पूरी राशि वाली गड्डी लेवें।