छिंदनार-पाहुरनार घाट पर पुल की सौगात, सीएम भूपेश बघेल बोले- पुल पूरे बस्तर को अबूझमाड़ से जोड़ेगा

छिंदनार-पाहुरनार घाट पर पुल की सौगात, सीएम भूपेश बघेल बोले- पुल पूरे बस्तर को अबूझमाड़ से जोड़ेगा दंतेवाड़ा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार को दंतेवाड़ा पहुंचे। यहां वे छिंदनार- पाहुरनार घाट पर इंद्रावती नदी पर बने पुल का उद्घाटन किया। 47 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित पुल की लम्बाई 712 मीटर और 8.40 मीटर है। इस पुल के बन जाने से अब छिंदनार इलाके के ग्रामीणों का रास्ता उफनती इन्द्रावती भी नहीं रोक सकेगी। पुल न होने की वजह बरसात के दिनों में इन्द्रावती नदी के उस पार स्थित कई गांवों का जन-जीवन और आवागमन पूरी तरह थम जाता था, इस पुल के निर्माण से लोगों को बारहमासी आवागमन की सुविधा मिलने लगी है। मुख्यमंत्री ने छिंदनार में आयोजित कार्यक्रम में दंतेवाड़ा जिले को लगभग 251 करोड़ रूपए के 814 कार्याें की सौगात दी है। कार्यक्रम से पहले सीएम बघेल ने कहा कि इस गांव में पहली बार कोई मुख्यमंत्री आया है। उन्होंने कहा कि यह कोई साधारण पुल नहीं है। यह दंतेवाड़ा-बीजापुर-नारायणपुर को जोड़ने वाला है। यह पुल सिर्फ 10 गांवों को ही जोड़ने वाला नहीं है, बल्कि पूरे बस्तर को अबूझमाड़ से जोड़ने वाला है।

पूर्व सरपंच पोसेराम के नाम पर होगा पुल

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि पुल को बनाने में बहुत सारे जवानों और ग्रामीणों ने अपनी शहदात दी है। इसके साथ ही पुल का नाम पाहुरनार के पूर्व सरपंच पोसेराम के नाम से करने की घोषणा की।  मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि इसका फायदा न सिर्फ स्कूल जाने वाले बच्चों को मिलेगा। बल्कि बारिश में जान खतरे में डाल डोंगी से नदी पार करने वाले ग्रामीणों को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि डायल-112, एंबुलेंस 108 की सेवा आपके गांव तक पहुंचेगी। यह पुल सही मायने में विकास का द्वार है।

नक्सलियों ने की सरपंच पोसेराम की हत्या

इंद्रावती नदी पर पुल को बनाने की राह जरा भी आसान नहीं थी। नक्सलियों ने ग्रामीणों को प्रताड़ित किया। उनकी कई बार पिटाई की। कई ग्रामीण गांव छोड़ने मजबूर हुए। पाहुरनार के सरपंच पोसेराम की हत्या तक कर दी। सुरक्षा में तैनात जवानों पर IED ब्लास्ट किया जिससे 1 जवान शहीद भी हुआ। वहीं इस पुल के बनने के बाद अब अबुझमाड़ के ग्रामीण सीधे जिला मुख्यालय से जुड़ गए हैं। दंतेवाड़ा में ज्योति कलश स्थापित होगा मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि  दंतेश्वर मंदिर का भी रायपुर के कौशल्या मंदिर की तर्ज पर विकास होगा और वहां ज्योति कलश स्थापित किया जाएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री इंद्रावती नदी पार अबूझमाड़ के धुर नक्सल प्रभावित गांवों के ग्रामीणों से सीधे रुबरु हुए। छिंदनार में पुल का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री जगदलपुर के लिए रवाना हुए। जगदलपुर वासियों को भी करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की सौगात देंगे।