एयर इंडिया अब टाटा के पास, घाटे से उबारना बड़ी चुनौती
एयर इंडिया अब टाटा के पास, घाटे से उबारना बड़ी चुनौती
नई दिल्ली। सरकार ने अपनी विमानन कंपनी एयर इंडिया (Air India) को टाटा समूह के हाथों में सौंप दिया। इस एयरलाइन का पूरा मैनेजमेंट और नियंत्रण टाटा ग्रुप के पास आ गया है। एयर इंडिया को आधिकारिक रूप से टाटा ग्रुप (TATA Group) को सौंपे जाने से पहले आज टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग सचिव तुहिन कांत पांडे ने कहा, “औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। एयर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है. शेयर्स को टैलेस प्राइवेट लिमिटेड (Talace Pvt Ltd) को हस्तांतरित कर दिया गया है, जो एयर इंडिया का नया मालिक है।”
टाटा सन्स (Tata Sons) के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (N. Chandrashekharan) ने कहा, “हम एयर इंडिया को वापस टाटा ग्रुप में पाकर बेहद खुश हैं और इसे एक विश्वस्तरीय एयरलाइन बनाने के लिए हर प्रतिबद्ध हैं। मैं एयर इंडिया के सभी कर्मचारियों का गर्मजोशी से स्वागत करता हूं।”
बता दें कि घाटे में चल रही एयर इंडिया को टाटा ग्रुप ने 18,000 करोड़ रुपये की बोली लगाकर खरीदा था। बीते 8 अक्टूबर को 18,000 करोड़ रुपये में एयर इंडिया को टैलेस प्राइवेट लिमिटेड को बेच दिया था। यह टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी का एक हिस्सा है।
Air India के लिए टाटा ग्रुप का प्लान
घाटे में चल रही एयर इंडिया को फिर पटरी पर लाने के लिए टाटा ग्रुप ने कई फ्यूचर प्लान तैयार किए हैं। इनमें से एक है ऑनटाइम परफॉरमेंस यानी विमान के दरवाजे फ्लाइट टाइम से 10 मिनट पहले बंद हो जाएंगे। विमानों की समय पर उड़ान पर पूरा फोकस किया जाएगा। इसके अलावा यात्रियों की दी जाने वाली सर्विस में भी इजाफा किया जाएगा।
SBI कंसोर्टियम से मिली लोन की मंजूरी
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नेतृत्व में बैंकों का एक कंसोर्टियम घाटे में चल रही Air India को सुचारू ढंग से चलाने के लिए टाटा ग्रुप को लोन देने के लिए सहमत हो गया है। बैंकों के संघ में SBI के अलावा पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (UBI) शामिल हैं।
68 साल का सफर
एयर इंडिया टाटा के पोर्टफोलियो में यह तीसरा एयरलाइन ब्रांड होगा। एयर एशिया इंडिया (Air Asia India) और विस्तारा (Vistara) में टाटा संस की बड़ी हिस्सेदारी है। इससे पहले भी एयर इंडिया टाटा संस का ही हिस्सा थी।
Tata Sons ने 1932 में टाटा एयर सर्विसेज (Tata Air Services) नाम से एयरलाइन सेवा शुरू की थी। बाद में इसका नाम बदलकर टाटा एयरलाइंस (Tata Airlines) कर दिया गया था। जेआरडी टाटा (JRD Tata) खुद एक कुशल पायलट थे, उन्होंने Tata Airlines के रूप में इसे शुरू किया था।
1947 में देश की आज़ादी के बाद एक राष्ट्रीय एयरलाइंस (National Airlines) की जरूरत महसूस हुई और भारत सरकार ने Air India में 49 फीसदी हिस्सेदारी अधिग्रहण कर ली। भारत सरकार ने 1953 में एयर कॉरपोरेशन एक्ट पास किया और सरकार ने Tata Group से इस कंपनी में बहुलांश हिस्सेदारी खरीद ली। इस तरह Air India पूरी तरह से सरकारी कंपनी बन गई।