छत्तीसगढ़ शीतलहर की चपेट में, फरवरी के पहले सप्ताह तक रहेगी ठंड रायपुर। हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। उत्तर से सूखी और ठंड हवाएं आ रही है। इस वजह से पूरा छत्तीसगढ़ शीतलहर की चपेट में है। जगदलपुर शहर के न्यूनतम तापमान में भी चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई है। वहीं दुर्ग-बिलासपुर और सरगुजा संभाग के कई जिलों में भारी ठंड की स्थिति है। वहां अधिकतम तापमान भी सामान्य से 4-5 डिग्री कम हो गया है। यह भी पढ़े- छत्तीसगढ़ कोरोना : 3 हजार से ज्यादा नए मरीज मिले, 11 की मौत, जानें कुल सक्रिय मरीज रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने बताया, पिछले 24 घंटे से लगातार उत्तरी ठंडी हवा आ रही है। इसकी वजह से प्रदेश में ठंड का प्रकोप बढ़ा है। बैकुंठपुर में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस मापा गया। यह प्रदेश का सर्वाधिक ठंडा स्थान रहा है। एक दिन में सर्वाधिक चार डिग्री की गिरावट जगदलपुर में मापी गई है। जगदलपुर में न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस मापा गया है। दिन के तापमान में भी पांच डिग्री या उससे अधिक गिरावट दर्ज होने की वजह से कोल्ड डे की स्थिति बनी है। दुर्ग, बिलासपुर और सरगुजा संभाग में ऐसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने बताया, 29 जनवरी से कोल्ड डे की स्थिति खत्म होने की संभावना है, लेकिन आने वाले 8 दिनों तक ठंड का असर रहेगा। वहीं कम से कम अगले दो दिनों तक शीतलहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है। बताया जा रहा है, ग्रामीण और अपेक्षाकृत कम आबादी और कम औद्योगिक गतिविधियों वाले इलाकों में इस ठंड का असर फरवरी के पहले सप्ताह तक बना रहेगा। उसके बाद मौसम गर्म होगा। तब तक इन इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। सामान्य तौर पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने और लगातार दूसरे दिन सामान्य से 4-4.5 डिग्री सेल्सियस से नीचे तापमान होने की स्थिति को शीतलहर कहते हैं। इसमें गलन जैसी ठंड रहती है। फिलहाल प्रदेश के अधिकतर इलाकों में ऐसे ही हालात हैं।