रायपुर। छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर फैल रही आशंकाओं के बीच सरकार ने स्थिति पूरी तरह सामान्य होने का दावा किया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी प्रकार की कमी या संकट की स्थिति नहीं है और आम नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार सतर्क है। इस संदर्भ में केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है, ताकि प्रदेश में ईंधन की आपूर्ति निर्बाध बनी रहे। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का स्थानीय आपूर्ति पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ने दिया जाएगा।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। आपूर्ति की साप्ताहिक समीक्षा नियमित रूप से की जा रही है, जिससे मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बना रहे। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन का भंडारण न करें।
प्रदेश में संचालित 2516 पेट्रोल पंपों और प्रमुख ऑयल कंपनियों के डिपो में ईंधन की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में राज्य की पेट्रोल आवश्यकता 1.01 लाख किलोलीटर थी, जबकि 1.27 लाख किलोलीटर की आपूर्ति की गई, जो 126 प्रतिशत है। अप्रैल 2026 में 23 अप्रैल तक 1.60 लाख किलोलीटर पेट्रोल की आपूर्ति हो चुकी है।
डीजल के मामले में भी स्थिति मजबूत बनी हुई है। मार्च में 1.64 लाख किलोलीटर की आवश्यकता के मुकाबले 3.00 लाख किलोलीटर यानी 183 प्रतिशत आपूर्ति की गई। वहीं अप्रैल 2026 में 23 अप्रैल तक 1.38 लाख किलोलीटर डीजल की आपूर्ति हो चुकी है। इससे साफ है कि राज्य में मांग के अनुरूप पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। सभी जिलों में आकस्मिक निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई जारी है। राज्य और जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। साथ ही नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए विभागीय कॉल सेंटर (1800-233-3663) भी सक्रिय है।
समीक्षा बैठक में अहम निर्देश
23 अप्रैल 2026 को खाद्य विभाग के संचालक की अध्यक्षता में तीनों ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यह सामने आया कि कुछ औद्योगिक उपभोक्ता रिटेल आउटलेट से डीजल खरीद रहे हैं, जिससे अस्थायी दबाव की स्थिति बनती है। इस पर कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करें और औद्योगिक जरूरतों के लिए अलग व्यवस्था करें।
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