कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जमीन सीमांकन के दौरान विवाद हो गया। गलत नाप का आरोप लगाते हुए एक परिवार ने राजस्व निरीक्षक (RI) और हल्का पटवारी की कार के सामने बाइक खड़ी कर रास्ता रोक दिया। दोनों अधिकारियों को करीब 2 घंटे तक मौके पर रोके रखा गया। इस दौरान ग्रामीणों और पटवारी के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
विवाद के दौरान परिवार के एक सदस्य ने रस्सी लाकर आत्महत्या करने की धमकी दी। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले में पटवारी की शिकायत पर पुलिस ने 4 ग्रामीणों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी जमीन पर दूसरे पक्ष के लोग अवैध कब्जा कर निर्माण कर रहे हैं। उनका कहना है कि RI और पटवारी विपक्षी पक्ष से रिश्वत लेकर सीमांकन कर रहे थे। ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। मामला करतला थाना क्षेत्र के नोनबिर्रा गांव का है।
दरअसल, यह घटना 8 मई को हुई। पटवारी भरत चौहान ने बताया कि वे राजस्व निरीक्षक जयपाल सिंह के साथ नायब तहसीलदार करतला के आदेश पर नोनबिर्रा के बनियापारा पहुंचे थे।
यहां आवेदक संतराम की जमीन (खसरा नंबर 643/1, रकबा 0.085 हेक्टेयर) का सीमांकन किया जाना था। सूचना देने के बाद मौके पर खसरा नंबर 643 की सभी जमीन की नाप-जोख की गई और इसकी जानकारी आवेदक को दे दी गई।
दोपहर करीब 1 बजे आवेदक संतराम, उनके बेटे लीलाधर पटेल, हुकूम चंद और हरिराम ने सीमांकन पर आपत्ति जताई और विवाद करने लगे। इस दौरान उन्होंने राजस्व निरीक्षक (RI) और पटवारी की कार के पीछे मोटरसाइकिल खड़ी कर रास्ता रोक दिया। लीलाधर ने रस्सी लाकर सुसाइड करने की धमकी दी।
पटवारी ने आरोप लगाया कि परिवार के लोगों ने अधिकारियों से गाली-गलौज की और कहा कि ‘गलत तरीके से नाप-जोख कर रहे हो, पैसे लेकर सीमांकन कर रहे हो।’ उन्होंने यह भी धमकी दी कि जब तक नायब तहसीलदार, कलेक्टर या थाना प्रभारी (TI) मौके पर नहीं आते, तब तक उन्हें जाने नहीं दिया जाएगा।
करीब दो घंटे तक दोनों अधिकारियों को रोके रखा गया, जिससे सरकारी काम में बाधा आई। साथ ही उन्हें जान से मारने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी गई।
करतला थाना पुलिस ने पटवारी भरत चौहान की रिपोर्ट पर संतराम, लीलाधर पटेल, हरिराम और हुकूमचंद पटेल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ये सभी नोनबिर्रा के बनियापारा के रहने वाले हैं।
इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 221, 296, 3(5) और 351(3) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वहीं, परिवार का आरोप है कि सालों से सीमांकन की समस्या बनी हुई है। उनका कहना है कि जिस जमीन की नाप होनी चाहिए, उसे छोड़कर दूसरी जमीन की नापी जा रही है।
इधर, परिवार के लोगों ने प्रशासन पर गलत सीमांकन और झूठा मामला दर्ज करने का आरोप लगाया है। परिवार ने सोमवार सुबह जनदर्शन में कलेक्टर को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
परिवार का आरोप है कि उनकी जमीन पर दूसरे पक्ष के लोग अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य कर रहे हैं। इसकी शिकायत कई बार पटवारी, आरआई और अन्य अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
परिवार के अनुसार, 8 मई 2026 को जमीन का सीमांकन किया गया, लेकिन यह सीमांकन गलत और पक्षपातपूर्ण था। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमांकन विपक्षी पक्ष से मिलीभगत और रिश्वत लेकर किया गया। उनका कहना है कि सीमांकन के दौरान विरोध करने पर विवाद की स्थिति बन गई।
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